बडो़ं का साथ – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

  लीना ने उपरी तल्ले से झांककर देखा…आँगन में सासुमां घायल शेरनी की तरह बिफरी हुई थी। “अब भोरे-भोरे कौन सी आफत आ गई “भीतर से ताई जी  मिनमिनाई।  “जाकर देखूं क्या हुआ “! “पहले अपना हुलिया तो ठीक कर लो “लव करवट बदल खर्राटे भरने लगा। लीना  का ध्यान अपने आधुनिक नाइट ड्रेस पर गया… … Read more

बेटी के साथ ही गलत क्यो ? -संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

” नीलू भाग गई ” आज मोहल्ले मे हर किसी की जुबान पर यही बात थी । अठारह वर्षीय सीधी साधी सी नीलू जो घर से बाहर कदम ना रखती थी वो कैसे इतना बड़ा फैसला ले बैठी । और उसका किसी लड़के से चक्कर था ये बात तो किसी को हजम भी नही हो … Read more

क्या किस्मत है? – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

   आशी की शादी को 10 वर्ष बीत चुके थे। अभी तक उसकी गोद खाली थी। पूजा पाठ, हर तरह से इलाज हो चुका था लेकिन किस्मत थी कि उस पर खुश ही नहीं हो रही थी। न जाने क्यों किस्मत उसके साथ ऐसा खेल खेल रही थी। अब तो उसकी सास और रिश्तेदार भी … Read more

बारिश का इश्क (भाग – 10 ) – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi

कॉलेज मिलते ही और हॉस्टल जाने की तिथि तय होते ही “वो” हमसे मिलने हमारे कॉलेज आया था। हम तीनों ने उस दिन कॉलेज कैन्टीन में साथ साथ लंच लिया, इधर उधर की बातें हुई। भविष्य को लेकर अपने अपने सपने शेयर किए हमने।”उसने” बताया.. “कल “वो”हास्टल जा रहा है और उसे हम सब की … Read more

गृहलक्ष्मी – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi

   मधु ने ससुर जी को चाय का कप पकड़ाया और सासु माँ को चाय का कप पकड़ा ही रही थी कि ससुर जी ने चुस्की लेते हुए तृप्त होकर लाड़ से कहा ,”- वाह क्या चाय बनाई है बिटिया! तुम्हारा नाम मधु है और चाय भी बिल्कुल वैसी ही बनाई है। इस चाय के … Read more

गिन गिन कर पैर रखना….. – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“अरे रूपा…. आजकल तेरे आंचल की छोड़ में क्या बांधे रहती है… रोज देखती हूं…..!”  “ओ मेमसाब… कुछ नहीं…. घर से आती है ना… जो मिल जाता…. नीचे गिर पड़ा…. सिक्का.. पैसा.. सब बांध लेती है…. कुछ नहीं इसमें… अभी तो ये… फालतू कागज बंधा है…! ” बोलकर आंचल की छोड़ को…. कमर के अंदर … Read more

अपनों से तो दुश्मन अच्छे – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सलोनी की माँ, उर्मिला देवी, उस दिन आँगन की चौकी पर बैठी चुपचाप आटे की लोई गोल कर रही थीं, पर उनके चेहरे पर एक गहरी निराशा और थकान का साया साफ दिखाई दे रहा था। इतने वर्षों में उन्होंने अपनी बेटी सलोनी को पढ़ाया-लिखाया, संस्कार दिए, घर संभालना सिखाया, और एक आदर्श लड़की की … Read more

गिन गिन कर पैर रखना। – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

माधुरी के पति के आफिस में एक क्लर्क अजय था। उसका किसी बात पर अपने साहब से वाद-विवाद हो गया था। साहब ने अपने एम डी से उसकी शिकायत की। उन्होंने उसे नौकरी से निकाल दिया ।माधुरी ने अपनी बेटी को बताया तो बेटी बहुत दुखी हुई। पर हम कर ही क्या सकते हैं,? मां … Read more

चक्कर जन्म कुंडली का – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

     फाइनली गरिमा और हेमंत की शादी हो ही गई, आजकल तो  वे दोनों अपने हनीमून ट्रिप पर स्विट्ज़रलैण्ड मैं ऐश कर रहे हैं ,उनके घर वालों का तो पता नहीं परन्तु मैं बहुत ख़ुश हूँ क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले ही गरिमा ने 2 मिनट के लिए स्विट्ज़रलैण्ड से बात की —थैंक्स , “आंटी इतना … Read more

गिन गिन कर पैर रखना – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

यार तुम इतनी जल्दबाजी में काम क्यूँ करती हो…. सुबह से ही किचेन में तुम्हारे बरतन गिरने लगते है …. सबको शोर से उठा देती हो….. नींद खराब कर दी…..  रवि अपनी पत्नी सुलभा से झल्लाते हुए  बोला….  सही बोला बेटा तू …. एक तेरी बड़ी भाभी है ऊपर रहती है …. पता ही नहीं … Read more

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