रंगरेज़ (भाग 6 ) – अनु माथुर  : Moral Stories in Hindi

अब तक आपने पढ़ा…

अनि की दोस्ती कॉलेज में अजय से होती है और वो मनु के बारे में उसको बताता है…

अब आगे….

अनिरुद्ध अतुल को बता देता है कि वो सेमिनार attend कर के आयेगा…. वो अजय को early morning की फ्लाइट बुक करने के लिए बोल देता है अजय फ्लाइट का टिकट बुक कर देता है

अनिरुद्ध वापस से सारी reports पढ़ता है… उसमे से कुछ बातों को नोट करता है और डॉ बिजॉय से मिलने जाता है… वो रामेश्वर जी की सारी reports उनको दिखाता है और उनके साथ कुछ बातों को क्लीयर कर के वापस आ जाता है…. और अपनी पैकिंग करता है

पैकिंग करके अनिरुद्ध ने अपने घर फोन किया कि वो आ रहा है ….

दीनदयाल जी ने बताया कि वो अपने किसी रिश्तेदार के यहाँ गए हुए उनको पता चला रामेश्वर जी के बारे में और वो भी कल तक पहुँच जायेंगे…

सेमिनार attend करके अगले दिन सुबह अजय के साथ अनिरुद्ध दिल्ली के लिए निकल जाता है दिल्ली से वो बाई रोड टैक्सी लेकर रामनगर जाने वाले थे….

*************

रामेश्वर जी के घर में….अतुल और वृंदा दोनों अगले दिन शिमला के लिए निकल जाते है….. मनु अपनी पढाई में बिज़ी हो गयी थी अब जब उसने तय कर लिया था कि उसे एम. बी. ए. करना है तो वो 12th की पढाई के साथ साथ CAT की भी तैयारी करने लगी…..

वृंदा से उसकी खूब जमती थी ..वृंदा के सरल स्वभाव ने सबके दिल में जगह बना ली थी….

समय अपनी रफ़्तार से बढ़ रहा था अनी का एक साल complete हो गया था और वो कुछ दिनों के लिए आ रहा था….

सुमित्रा अनी के पसंद की चीज़े किचन में बना रही थी….मालती भी उसकी मदद करने आ गयी थी…. मनु स्कूल गयी हुई थी ….दीनदयाल और विशम्भर जी के साथ रामेश्वर जी भी बेसब्री से अनी के आने का इंतज़ार कर रहे थे…

कुछ देर बाद एक टैक्सी आ कर उनके घर के सामने रुकी…. अनी उसमें से उतरा और उसके साथ अजय भी…

अनी ने विशम्भर जी के पैर छुए तो उन्होंने उसे गले से लगा लिया….. वो एक – एक करके सबसे मिला…. और अजय को भी मिलवाया…..सब वहाँ थे लेकिन  उसकी नज़रें मनु को खोज रहीं थी….

उसने मालती से पूछा काकी “मनु कहाँ है? “

“वो स्कूल गयी है अभी आ जायेगी….. वैसे भी अब वो कम ही जाती है फाइनल है तो उसकी तैयारी चल रही है… “

अनी ने अपनी गर्दन हिला कर हाँ कहा…. अजय उसके पास ही बैठा  था वो मुस्कुराने लगा… अनी ने उसे देखा तो पूछा ” क्या हुआ? “

” कुछ नहीं….. कोई कितना बैचैन है मैं ये देख रहा हूँ “

अनी हल्के से मुस्कुरा दिया….

सबने लंच किया….. रामेश्वर जी मालती के साथ वापस घर चले गए थे…. अनी अजय को लेकर अपने ऊपर वाले कमरे में चला गया…..

दोनों सुबह से चले थे और लंच भी हो गया था…. बेड पर लेटते ही दोनों को नींद आ गयी……

शाम को जब मनु आयी तो उसने जल्दी से कपड़े चेंज किए और भगती हुयी छत पर गयी…. रामेश्वर जी और मालती उसे देख कर मुस्कुरा रहे थे

मनु अपनी  छत से अनी पर गयी और अनी के रूम में चली गई….. बेड पर पुरी  चादर ओढ़े हुए सोते हुए अनी को देख कर उसे बहुत गुस्सा आया वो मन में ही बोली… ” एक तो इतने दिन बाद आया है ऊपर से सो रहा है…. अभी बताती हूँ इसको कहते हुए उसने चादर पकड़ी और खींच दी….. और बोली

सरप्राइज……

लेकिन वहाँ अनी की जगह अजय को देख कर उसके होश उड़ गए..,. वो मुड़ी तो दरवाज़े पर खड़ा हुआ अनी हँस रहा था…

“अनी ” मनु ने खीजते हुए कहा  और उसके पास जा कर उसे मारने के लिए हाथ उठाया….. अनी ने उसका हाथ पकड़ा और पूछा ” किसी हो? “

मनु ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा ” अच्छी हुँ और तुम?

“ठीक हूँ “

अनी मनु की आँखों में देख कर मुस्कुरा रहा था मनु  भी उसे देख कर मुस्कुरा रही थी “

अजय ने उन दोनों को ऐसे देखा तो बोला – “कोई और भी है इस कमरे में कर दोनों के अलावा “

अनी ने उसकी बात सुनी और वैसे ही खड़े हुए बोला – ” हाँ पता है… सो जाओ तुम “

चलो मनु कहते हुए वो उसका हाथ पकड़ कर ऊपर छत की तरफ ले जाने लगा..

अजय मुस्कुराया और फिर से चादर ओढ़ कर सो गया

अनी मनु के साथ छत पर आ गया ….और वहीं दीवार से टिक कर दोनों बैठ गए….

“और बताओ कैसा है सब वहाँ “?? मनु ने पूछा .

“सब ठीक है सुबह से शाम कब हो जाती है पता ही नहीं चलता .. फिर अपनी पढाई भी करनी होती है “

“हाँ ये तो है …..ये तुम्हारे साथ? “

“अजय है मेरा रूममेट ….मुंबई में रहता है .. उसे पहाड़ों पर घूमना था इसलिए मेरे साथ आ गया “

“तुम बताओ तुम्हारी पढाई कैसी चल रही है “?

“Exams की टेंशन नहीं है CAT क्लीयर हो जाए उसकी टेंशन है.. Question सॉल्व करने की प्रॉब्लम नहीं है बस टाइम मनेजमेंट यहीं प्रॉब्लम है….कितना टाइम किस question को देना है….अभी तो टाइम है कर ही लूँगी तब तक “

“हाँ वो तो करना ही पड़ेगा “

“देखो क्लीयर होता है या नही वरना ड्रॉप लेना पड़ेगा … ये सब छोड़ो तुम बताओ नई जगह नये लोग कैसा लग रहा है? “

“ठीक है सब एकसा ही है वही बोरिंग सा…. सब पढ़ने में ही लगे रहते है… मेडिकल की पढाई है ही टफ….देखो मैंने प्रोजेक्ट बनाया..”.. कहते हुए अनी ने फोन अपना निकाला और उसे दिखाने लगा….. वो मनु को बता ही रहा था की उसके फोन पर रिंग बजी और विधि का नाम लिखा हुआ आ रहा था

एक मिनट कह कर अनी ने फोन पिक किया और बोला…

हैलो…

उधर से विधि ने कहा ” तुम पहुँच गए..? “

“हाँ.. दोपहर में ही आ गया था “

“तुमने फोन नहीं किया और ना ही अजय ने? “

“हाँ वो यहाँ आया तो सब थे और फिर थक गए तो सो गए “

“अच्छा ठीक है… मैं तो बस पूछ रही थी कि पहुँचे कि नहीं  एंजॉय… “

“तुम पहुँच गयी “?

“नहीं…. बस 1 घंटे में पहुँच जाऊँगी “

“ठीक है…. “

“बाय “

बाय कह कर अनी ने फोन रख दिया

मनु उसे देख कर मुस्कुरा रही थी….

“क्या हुआ “?

” ओहो गर्लफ्रेंड भी बन गयी ? “

अनी हँसा और बोला ” नहीं क्लास मेट है “

“है भी कोई नही मुझे बताना मैं काका और बाक़ी सबको मना लूँगी “

“चुप करो तुम….ऐसा कुछ नहीं है ….और अपना दिमाग ना इन सब बातों से हटा कर CATमें लगा लो “

तभी अजय भी आ गया….

अनी ने उस से कहा ” तो कहाँ चलना है घूमने? “

“अरे हम तुम्हारे शहर में आए हैं तुम घुमाओ हमें….. क्यों मनस्वी ठीक है ना “

“आपको हमारा नाम पता है “?

अजय मुस्कुराया और बोला “नाम क्या हमें तो और भी बहुत कुछ पता है कहते हुए वो अनी की तरफ देखने लगा “… तो अनी उसे खा जाने वाली नज़रों से देख रहा था…

“और क्या पता है आपको “? मनु ने पूछा

अजय ने वहीं बैठते हुए कहा ” यही कि आप इसको कितना परेशान करती हो, छत पर से आती हो दरवाज़े से नहीं…. थोड़ी ज़िद्दी हो….. “

“क्या ये सब अनी ने बताया”? मनु थोड़ा गुस्सा होते हुए बोली

“हाँ…सब इसने बताया और भी बहुत कुछ बताया…. “

“जैसे कि….. ” मनु ने अजय से अनी की तरफ घूरते हुए पूछा

“अरे कहाँ तुम इसकी बातों में आ गयी हो?? तुम ये बताओ कि तुम चलोगी कल? ” अनी ने पूछा

“कल नहीं जा सकती कल एक्स्ट्रा क्लास है  परसों चलूँगी” कहते हुए वो खड़ी हो गयी..

“क्या हुआ तुम खड़ी क्यों हो गयीं “? अनी ने कहा

“तुमसे मिलना था मिल ली बाद में आऊँगी कल की तैयारी करनी है …. और थोड़ी देर में तुम आ जाना दादा और भाभी भी आ जायेंगे….. “

ठीक है….

“बाय अजय जी… “

अजय ने मुस्कुराकर बाय कहा….. अनी जाती हुयी मनु को देख रहा था अजय उसके पास जाकर दीवार से टिक कर बैठ गया और बोला ” तो आ गया दिल को चैन और आराम “

अनी ने उसे देखा और एक smile उसके चेहरे पर आ गयी…..

“चुप रहो और चलो नीचे “

अनी ने कहा और दोनों उठ कर नीचे चले गए…

मनु के घर ….

अनी के साथ अजय के साथ मनु के घर गया था… अतुल ने उसे देखा तो बोला – “कैसे है डॉक्टर साहब? “

“अच्छा हूँ दादा आप कैसे है? “

“हम भी बढ़िया है “

“और वहाँ सब ठीक चल रहा है वैसे मनु तो बताती रहती है तुम्हारे बारे में “

“सब अच्छा है दादा…ये मेरा रूम मेट है अजय “

अजय ने अतुल को हाथ जोड़ कर नमस्ते किया 

तभी वृंदा और मनु चाय नाश्ता ले कर आ गयी

अनी ने हाथ जोड़ कर वृंदा को नमस्ते किया….

“कैसे हो अनी “

“अच्छा हूँ भाभी आप कैसे हो? “

“हम भी बढ़िया है…. और आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है?? “

“ठीक चलरही है… “

“वैसे आप यहाँ नहीं है.. लेकिन हमारी मनु आपकी इतनी बातें करती है कि अब तो हम आपको बिना मिले भी बहुत अच्छे से जानने लगे है “

“अच्छा इतनी तारीफ़ कर दी मनु ने ” अनी ने कहा

“तारीफ़ नहीं…..तुमने कितना मुझे परेशान किया वो बताया मैंने” मनु ने कहा

“हाँ ये तो बताया ही होगा लेकिन ये नहीं बताया होगा कि तुम मुझे कितना परेशान करती हो ” अनी ने कहा

“कुछ भी हो आपकी कहानियाँ सुन कर मुझे तो बड़ा मज़ा आता है ” वृंदा ने कहा

“अपने दोस्त को कहीं घुमाने ले जाओ” – अतुल ने कहा

“हाँ दादा कल जायेंगे… आप भी चलिए… सब साथ में घूमेंगे “

“हाँ ये अच्छा है सब चलेंगे ” वृंदा ने कहा

“ठीक है फिर वीकेंड पर चलते है मेरी और वृंदा दोनों की

छुट्टी है “

“तो परसों हम यहीं पास में घूम आते है मनु के साथ फिर आपके साथ चलेंगे “अनी ने कहा

“ठीक है मैं शिव को बोल देता हूँ  वो आ जायेगा चले जाओ तुम लोग “

“ठीक है दादा…. ” अनी ने कहा

मनु को लेकर अनी और अजय घूमने निकले….. अजय को उन्होंने वो मन्दिर दिखाया जहाँ अतुल और वृंदा की शादी हुयी थी…. और भी आस – पास की जगह उन्होंने देखी…

अजय गाड़ी में आगे बैठा था और अनी मनु के साथ पीछे थकान की वजह से मनु को नींद आने लगी उसने अनी के कंधे पर सिर रखा और सो गयी…. अनी ने अपना फोन निकाला उसके साथ एक पिक ली …और फोन अंदर रख लिया..

वीकेंड पर अतुल और वृंदा के साथ सब घूमने गए सबने बहुत एंजॉय किया…. कुछ दिन साथ रह कर अनी और अजय वापस दिल्ली चले गए…… मनु के फाइनल exams पास आ रहे थे वो अपनी पढाई में लगी हुयी थी….

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अनिरुद्ध ने सेमिनार attend किया और शाम को अतुल से और डॉक्टर से बात की….. रामेश्वर जी तबियत पहले से ठीक थी डॉक्टर ने आई. सी. यू से रूम में शिफ्ट कर दिया था…. अगले दिन सुबह अनिरुद्ध अजय के साथ दिल्ली के लिए निकल गया…..

मनु का प्लेन भी दिल्ली में लैंड  हो गया था.. उसने अपना सामन लिया और एयरपोर्ट से बहार निकल आयी…. उसने शिव को फोन किया और शिव के साथ टैक्सी से रामनगर के लिए निकल गयी…..

क्रमश:

धन्यवाद

स्वरचित

कल्पनिक कहानी

अनु माथुर 

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