अब तक आपने पढ़ा….
अतुल और वृंदा की शादी तय हो जाती है… अनी का भी रिज़ल्ट आ जाता है और उसे दिल्ली के एम्स में एडमिशन मिल जाता है..
अब आगे…
दीनदयाल जी और सुमित अनी को दिल्ली छोड़ने l
के लिए जाते है…..उन्होंने कैब बुक की थी….सब अनी को छोड़ने के लिये घर के बाहर तक आये थे….अनी ने सबके पैर छुए और आख़िर में वो मनु के पास गया उसने मनु को मुस्कुराने का इशारा किया मनु की आँखों में नमी तैर गयी वो मुस्कुरायी और अनी उसे देखते हुए गाड़ी में बैठ गया उसने हाथ हिला कर सबको बाय किया….
मनु के घर में शादी की तैयारियां शुरू हो गये थी ….सावित्री जी के यहाँ एक परंपरा चली आ रही थी…..उनके यहाँ शादी मन्दिर में होती थी…. जिसको उनका परिवार शुभ मानता था….वो ऐसा मानते थे कि जिनकी भी शादी मन्दिर में होती है उनको सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है और वहाँ दैवीय शक्तियाँ होती है जो वर वधु को आशीर्वाद देती है जिस से उनके नये जीवन की शुरुआत अच्छी हो …..रामेश्वर जी ने ये बात जगमोहन जी को बतायी…. जगमोहन जी मान गए थे
मनु की बात रोज़ अनी से हो जाती थी…वो मनु को वहाँ जो भी होता बताता…… उसी वक़्त उसकी दोस्ती अजय से हुयी थी… दोनो शुरू से ही रूम मेट थे…. तभी अनी की दोस्ती विधि से भी हुयी….
शादी की डेट पास आ रही थी ….. लेकिन अनी नहीं आ रहा था उसी वक़्त उसके exams थे…..मनु थोड़ा उदास थी उसने अनी को बोला कि वो सारी पिक्स और वीडियो भेजेगी….. और exams के बाद वो आयेगा…..
धीरे – धीरे शादी का दिन पास आ गया मेहमानों का आना शुरू हो गया था….
रामेश्वर जी ने सबके रहने की इंतज़ाम होटल में किया था…. और शादी देवी के मन्दिर में होनी थी….शादी के वक़्त सिर्फ दोनों घरों के लोग ही रहने वाले थे. …….बाक़ी रेसेपशन एक दिन बाद रखा था……हल्दी, मेहंदी संगीत सभी रसमों के साथ शादी संपन्न हुयी…..और वृंदा अतुल की दुल्हन बनकर घर आ गयी थी…….सब बहुत खुश थे मनु ने सारी पिक्स जो फोटो ग्राफर ने दी थी अनी को भेज दी थी
अनी अपने रूम में बैठा हुआ शादी की पिक्स और विडियो देख रहा था…. और मुस्कुरा रहा था…. उसने ध्यान नही दिया कि उसके सामने बैठा हुआ अजय उसे देख रहा…..
अजय उसके पास आया और बोला ” क्या बात है ये इतने प्यार से किसे देखा जा रहा है??
अनी ने मुस्कुराते हुए कहा ” अतुल दादा की शादी की पिक्स है… “
तुम्हारे भाई…?? उनकी शादी हैं और तुम यहाँ हो??
अनी ने अफसोस जताते हुए कहा ” हम्म ..क्या करें पढ़ाई ज़रूरी है.. मेरे यहाँ आने से पहले उनकी शादी तय हो गयी थी…. वैसे वो मेरे दादा नहीं है.. पड़ोस में रहते है लेकिन हमारा घर जैसा रिश्ता है…..
“अच्छा मैं देखूँ “?
“हाँ क्यों नहीं…”.. अजय उसके पास बैठ गया अनी उसे पिक्स दिखाते हुए बोला – ये अतुल दादा..और ये भाभी ऐसे करते – करते उसने सबकी पिक्स अजय को दिखायी….. तभी मनु की पिक दिखाते हुए अजय ने पूछा ये कौन है??
अनी ने फोन अपनी तरफ किया और बड़ी सी smile उसके चेहरे पर आ गयी… वो अजय को फोन देते हुए बोला ” मनु “
अजय मनु की पिक देख रहा था….
अनी वहीं बेड पर लेट गया उसने अपने दोनों हाथ सिर के पीछे किए और आँखें बंद कर के सिर तकिए पर रख लिया …
अजय ने उसकी तरफ देखा और बोला ” बदले – बदले से मेरे सरकार नज़र आ रहे है…. क्या बात है???होंठों पर ये मुस्कुराहट आँखों में वो….??? कहीं प्यार तो नहीं ?
अनी ने अपनी आँखें खोली उसने अजय की तरफ देखा और बोला ” पता नही हम दोनों बचपन से साथ में है….कभी ऐसा कुछ लगा नहीं….. लेकिन अब लगता है कि कुछ तो है …. यहाँ आते वक़्त मुझे लगा जैसे मैं अपना कुछ वहाँ छोड़ कर जा रहा हूँ…. बाक़ी सबके के लिए इतना नहीं लगा…. लेकिन मनु के लिए…
” कुछ भी नही मुहब्बत है ये प्यारे और मुहब्बत का एहसास दूर रहकर ही होता है ” अजय ने कहा
“अगर है भी तो पहले मैं पता कर लूँ मुहब्बत है या क्या है?? “
“हम्म ….सही कहा क्या पता साथ रहते थे इसलिए भी एक रिश्ता सा बन जाता है …. पता चले तो बताना ज़रूर… “
अनी हँस दिया….
“वैसे क्या कर रही है वो?? “
“12th में हैं…… “
अच्छा…. और??
“…..पढ़ने में बहुत अच्छी है…. हाँ थोड़ी ज़िद्दी है …और बात – बात पर रूठ जाती है,…लेकिन मान भी जाती है…दरवाज़े से कभी नहीं आती हमेशा छत पर से आती है….. मुझे परेशान करना उसका फेवरेट काम है…. वैसे नाम उसका मनस्वी है लेकिन सब उसे प्यार से मनु कहते है .”… अनी ने वैसे ही लेटे हुए कहा
अजय बस मुस्कुरा दिया था…..
क्या हुआ?? अनी ने पूछा
“कुछ नहीं…. अच्छा चलो मेस में dinner टाइम हो गया है…. और कल के
प्रेज़ेनटेशन की तैयारी भी तो करनी है..” अजय ने कहा
हाँ चलो….. अनी उठा फोन को चार्ज पर लगाया और अजय के साथ मेस की तरफ चला गया….
वो वापस आया तो उसने देखा मनु की missed call थी उसने वापस से उसे call किया…एक ही रिंग में मनु ने फोन उठा लिया….
“हैलो…”उसने बोला
“हम्म.”..बोलो
“कहाँ थे तुम? “
“Dinner के लिए गया था.. “
“अच्छा पिक्स देखी?? “
“हाँ…सारी देख ली…”
“बहुत मज़ा आया शादी में बस तुम नहीं
थे “
“हम्म कोई बात नहीं .. “
ऐसे हि एक एक करके मनु अनि को शादी की बातें बताए जा रही थी… और अनी सुने जा रहा था
“भाभी बहुत अच्छी है मेरी तो फ्रेंड बन गयी है वो… “
“ये तो बहुत अच्छी बात है…. “
“हम्म….कल दादा और भाभी जा रहे है “
“कहाँ? “
शादी के बाद कहाँ जायेंगे??हनीमून पर ही ना और कहाँ ??
“हाँ …
लेकिन कहाँ जा रहे है ये पूछा मैंने “
“शिमला “
“अच्छा चलो अच्छी बात है…”
“अनी…. मैं एम. बी. ए. कर लेती हूँ ..तुम क्या कहते हो “
“अच्छा है करो पहले graduation करो फिर CAT का entrance दो.. “
“हाँ मैंने बात की थी दादा से वो भी बोले ठीक है “
तभी अजय ने उस से बोला – “ओ भाई बातें हो गयीं हो तो पढ़ ले वरना कल क्या करेंगे ? “
अनी ने हाथ दिखाते हुए अजय को आता हूँ बोला
“मनु मैं कल बात करूँ मुझे कल के presentation की तैयारी करनी है.. “
“हाँ….वैसे ये कौन बोला?? ” मनु ने पूछा
“मेरा दोस्त अजय.. “
“अच्छा….. ठीक है गुड नाइट “
“गुड नाइट… ” अनी ने कहा और फोन रख दिया
वो अजय के पास रखी हुयी चेयर पर बैठ गया अजय उसे देख रहा था
“क्या????” अनी ने पूछा
“मनु थी ना ये फोन पर “
“हाँ “…अब पढ़ लें ” अनी ने हँसते हुए कहा वो और अजय presentation बनाने में बिज़ी हो गए…..
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अनिरुद्ध की आँख खुली तो उसने देखा सुबह हो गयी थी…. उसने मोबाइल में टाइम देखा तो आठ बज रहे थे…. उसने अतुल को फोन किया…
हैलो… अतुल ने उधर से कहा
दादा काका कैसे है??
ठीक है….
“आप होस्पिटल में है?? “
“हाँ…. अभी आया “
“दादा reports मैंने देखी treatment बिल्कुल सही चल रहा है आप जब डॉक्टर आये तो मेरी बात कराना….. मैं आता हूँ वहाँ “
“हाँ ठीक है बात कराता हूँ तुम्हारी वैसे पापा ?? ” अतुल बोलते बोलते रुक गया
“रिलेक्स दादा…कुछ नहीं होगा काका को वो ठीक है … आप बिल्कुल फिक्र ना करें मैं आ रहा हूँ ना…”
“हम्म….”. अतुल ने कह कर फोन रख दिया
अनिरुद्ध उठा फ्रेश हुआ और अजय के रूम की तरफ बढ़ गया उसने अजय के रूम की bell बजायी… अजय भी फ्रेश हो चुका बस रेडी हो रहा था
अनिरुद्ध ने अजय के रूम में अंदर जाते हुए कहा – ” अजय रामेश्वर काका को silent attack आया है “
कब???
परसों…
कैसे है वो???
“दादा से बात हुयी है अभी तो ठीक है reports मैंने रात को माँगवा ली थी… Treatment तो सही चल रहा है उन्हें इस वक़्त मेरी ज़रूरत है वो अकेले हैं वहाँ.. मैं फ्लाइट का टिकट देखता हूँ…
हाँ ….वो ठीक है लेकिन सेमिनार का क्या? सारे डॉक्टर्स आयेंगे…. तुम कल सुबह क्यों नहीं चले जाते..मैं भी चलता हूँ तुम्हारे साथ “
अनिरुद्ध ने सांस भरते हुए कहा “अरे हाँ सेमिनार है …. ठीक है कल सुबह की फ्लाइट बुक करो… फिल्हाल मैं वहाँ डॉक्टर से बात करता हूँ… “
“ठीक है”…. अजय ने कहा
अतुल ने अनिरुद्ध की डॉक्टर से बात करवायी अनिरुद्ध ने अपने बारे में बताया और सारे treatment के बारे में पूछा….
अनिरुद्ध ने डॉक्टर से बात करके अतुल से बात की और अगले दिन वो आयेगा बता दिया…!!
क्रमश:
धन्यवाद
स्वरचित
कल्पनिक रचना
अनु माथुर