एक बार टूटा विश्वास वापस नहीं जुडता – विनीता सिंह
शाम का समय है सरला जी बालकनी में बैठी है डूबते हुए सूरज को देख रही है तभी उनकी बेटी निशा बोलती है मां चाय पी लो सरला ने कहा बेटा ही रख दो अभी पी लूंगी बेटी चाय टेबल पर रख कर चली गई। सरला जी डूबते हुए सूरज को देख रही थी और … Read more