उम्मीद – प्रीति आनंद अस्थाना
आज रामनाथ जी बहुत खुश हैं। बेटे की पढ़ाई पूरी हो गई, अपने ही शहर में अच्छी-सी नौकरी लग गई और आज उसे पहली तनख्वाह मिलने वाली थी। न जाने कितने बरसों से इस दिन का सपना संजो रखा था उन्होंने। बड़ी उत्सुकता थी कि अविनाश अपनी पहली तनख्वाह का क्या करेगा? सुना है उन्होंने … Read more