त्याग – डॉ.अनुपमा श्रीवास्तवा
माँ! पिताजी हरदम एक ही राग क्या अलापते रहते हैं?? काम के ना काज के दुश्मन अनाज के! मुझे उनके मुहावरे बिल्कुल भी पसंद नहीं हैं कह देना उनसे! जब से रिटायर क्या हुए हैं जीना हराम कर दिया है उन्होंने। जब देखो नसीहतों का पिटारा लेकर बैठ जाते हैं। खाली दिमाग….!” माँ ने जोर … Read more