बेटा होने का दर्द-मुकेश कुमार
कविता ने जैसे हि अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट किया। उसके मां-बाप को उसकी शादी की चिंता सताने लगी। कविता के पापा भी कोई ज्यादा अमीर नहीं थे घर मे ही एक छोटा सा किराना दुकान था जिससे उनके घर का खर्चा चलता था। कविता के एक दूर के फूफा ने एक लड़के के बारे में बताया … Read more