हीरा – अनुपमा
सुबह के पांच बज रहे थे , हीरा सो ही नही पा रही थी , बाहर से बहुत तेज तेज कुत्तों के भौंकने की आवाजें आ रही थी , हीरा बड़ बड़ किए जा रही थी ,क्या हुआ इन कर्मजलों को ,सोने भी नही देते है ,जाने कब से बस भोंके जा रहे है ,थक … Read more
सुबह के पांच बज रहे थे , हीरा सो ही नही पा रही थी , बाहर से बहुत तेज तेज कुत्तों के भौंकने की आवाजें आ रही थी , हीरा बड़ बड़ किए जा रही थी ,क्या हुआ इन कर्मजलों को ,सोने भी नही देते है ,जाने कब से बस भोंके जा रहे है ,थक … Read more
मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है, उसका मेरे घर में यूँ आना-जाना। महीने में एकाध चक्कर लगा ही लेती है। माँ-बाबूजी बड़े खुश हो जातें हैं उसके आने पर। अपनी बेटी जो नज़र आती है उसमें, उन दोनों को लेकिन मैं ………..मैं उसे अपनी बहन नहीं मानता और क्यूँ मानूँ ? बहन तो मेरी एक ही … Read more
सुनंदा को वृद्धाश्रम में आए तीन साल हो गए थे । वह किसी से भी ज़्यादा बात नहीं करती थी । अपना अलग से अकेले ही बैठती थी । इन तीन सालों में नंदिता के अलावा उसने किसी से भी बात नहीं की थी । कोई प्रश्न पूछता भी है तो हाँ , न में … Read more
नालिनी दीदी और गोपाल जीजाजी के होली में सप्ताह भर के लिए आने की खबर से तो युक्ता के पांव जैसे ज़मीन पर टिक नहीं रहे थे. माँ अक्सर बीमार रहती थी.इसलिए नालिनी दीदी ने काफी कम उम्र से घर की सारी जिम्मेवारियों को अपने हाथों में ले लिया था.छोटी बहन युक्ता को स्कूल के … Read more
शिखा सब्जी फल लेने मार्केट गयी थी, ख़रीददारी कर स्कूटी पर थैली टांग ही रही थी, तभी एक मोटर सायकिल वाले ने स्कूटी में टक्कर मार दी । स्कूटी सहित वह गिर पड़ी, पैर में जमकर चोट आई । दो तीन महिलाओं ने सहारा देकर उसे पास की एक दुकान में बिठा दिया। उसनें पति … Read more
माँ की तबियत ,अचानक से ख़राब हो गयी, खबर सुनकर ,शशि का मन बेचैन हो उठा। उसने तुरन्त अपने पतिदेव, सुधीर के ऑफिस में कॉल किया और टिकिट बुक करने को कहा। सुधीर ने आई. आर .टी .सी. की वेबसाइट में सर्च किया, शशि को बताया कि अभी कन्फर्म टिकिट नही मिल पा रही है, … Read more
“अरे! सुधीर बड़े खुश नजर आ रहे हो। इतने सारे पैसे, क्या खरीदने वाले हो ?” “पत्नी के लिए कंगन। भांजी की शादी में जाना है। मेरी दोनों भाभी के हाथों में सोने के कंगन और मेरी पत्नी के हाथों में सिर्फ कांच की चूड़ियां, मुझे बहुत बुरा लगता है।” “यार, तुम्हारे दोनों भाई तो … Read more
शिवानी इस बार बहुत दिनों बाद अपने मायके आई । सब से मिलने के बाद वह जीजी को ढूंढने लगी क्योंकि पहले जब भी वह आती थी जीजी उसके स्वागत में पहले ही दरवाजे में दिखाई देती थी। दादी ने शिवानी को बताया कि जीजी अपने ससुराल गई है। शिवानी को बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि … Read more
अनय व दिव्या की शादी को तीन साल हो गये थे…दोनो नौकरी करते थे व सैलरी भी अच्छी थी….अभी दो महीने पहले ही उन्हे एक बेटा हुआ है…!!!!! शहर में दो दलों में झगड़े के बाद कर्फ्यू लगा दिया था और आज पाँचवा दिन था….बहुत परेशानी आ रही थी….सबसे ज्यादा छोटे बच्चे को…क्योंकि घर पर … Read more
” रमेश बाबू और कितना समय लगेगा ?” – गोविंद जी असहाय भाव से बोले। ” बड़े बाबू आप खुद सिस्टम का हिस्सा रहें है – आपसे क्या छुपा है ! – सरकारी दफ्तर में आवेदन देना – खस्सी को वध स्थल पर पहुचानें जैसा काम है – खस्सी जाना नहीं चाहता और कसाई खींच-खींच … Read more