अजन्मी आकांक्षाबाएँ* – सरला मेहता
मकरंद की पसंद थी मंदा। माँ पापा तो इस सम्बन्ध के पक्ष में ही नहीं थे। वे चाहते थे कि इकलौते बेटे के लिए बहू के परिवार की पूरी जानकारी हो। चाहे विजातीय हो किन्तु पत्रिका का मिलान ज़रूरी। मकरंद ने ऐलान ही कर दिया था कि ब्याह करेगा तो मंदा से वरना कुँवारा ही … Read more