अखिरी फैसला – रीमा महेंद्र ठाकुर
चित्रकथा घर आज खुशियों से भरा था, मेहमानों के जमघट के बीच, माधुरी के पति आलोक, अपनी नन्ही सी बच्ची को बाहों में उठाए, बेतहाशा चूमे जा रहे थे! पिता का प्रेम, पांच साल हो गये विवाह को अब जाकर पिता का सुख मिला था! माधुरी बडी ममता भरी निगाहों से बच्ची को देखे जा … Read more