सासु मां के ताने – मंजू तिवारी

बहू-मम्मी आज तो बड़ी ठंड है देखो मेरे हाथ कितने ठंडे हो गए।   सास-ठंड है तो इसमें क्या कर सकते हैं हाथों को क्या देखना। बेटी-मम्मी आज तो बड़ी ठंड है देखो मेरे हाथ कितने ठंडे हो गए।                  मां-तेरे हाथ तो बहुत ठंडे है अच्छे से कपड़े पहन लो नहीं तो बीमार पड़ जाओगी बहुत … Read more

जींस  – कमलेश राणा

 मेरे बच्चों और पतिदेव को जानवरों से बड़ा प्यार है,,,पर मुझे उन्हें छूने में बड़ा डर लगता है इसलिए मैं दूर ही रहना पसंद करती हूँ,,,  एक बार बेटे के मित्र के पिताजी का ट्रांसफर जबलपुर हो गया,,,उनके पास डाबरमैन प्रजाति का कुत्ता था,,देखने में ही बड़ा खूंख्वार लगता था  ,,,वैसे भी यह भेड़िया प्रजाति … Read more

नालायक बेटा – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

” बाबूजी “बाबूजी, आप हमें छोड़ कर चले गये ।दुनिया से ।चले तो उस दिन ही गये थे जब हम दोनों भाई छोटे थे।कुल चार और पांच साल के।आज आप की बरसी है ।अम्मा बताती थी कि सौतेली माँ के खराब व्यवहार के चलते आपने अपना घर, स्त्री,और बेटे को छोड़ कर चले गए थे … Read more

सिंदूर – कंचन श्रीवास्तव

स्त्री वही अच्छी जो मान मर्यादा का ख्याल रखें और दोनों कुल की लाज काकी ने रेखा की तरफ इशारा करके बगल वाली बुआ से कहा , अब देखो न इसे आई थी तो लोग कितना भला बुरा कहते थे पर ये एक जवाब किसी को न देती बल्कि बुराई सुनते हुए भी बगल से … Read more

ह्रदयंगम ‘ -रंजना बरियार

आज ‘ह्रदयंगम वृद्धाश्रम’ में फिर कोई नया  सदस्य आया है, ह्रदय के सारे गिले शिकवे, व्यवहार दुर्व्यवहार को अंत:भित्तियों मं दफन कर नयी दुनिया को ह्रदयंगम करने!कोई नयी बात तो नहीं है,सप्ताह में अमूमन एक सदस्य का इज़ाफ़ा हो ही जाता है!…महीने में प्राय: एक भगवान को प्यारे भी हो जाते हैं! ऐसे ही संतुलन … Read more

  गलती किसकी – ऋतु अग्रवाल

रात के 12:00 बज रहे थे। अचानक से निहारिका की आँख खुली। पानी पीकर फ्रेश होने चली तो माँ बाबूजी के कमरे की लाइट जल रही थी। दरवाजे के पार से आवाजें आ रही थी।  “कौशल्या, मैं कह रहा हूँ, तुम अपने मायके नहीं जाओगी। कभी नहीं का मतलब कभी नहीं।” बाबूजी शब्दों को चबा … Read more

मुखाग्नि! – सारिका चौरसिया

उनकी चिता धु धु जल रही थी, अस्पताल से साथ आये कर्मचारी बड़ी बेरुखी से चिता पर लाश रखने और दाह कार्य करने की प्रक्रिया को अंजाम दे रहे थे। हाँ!अब वे मात्र लाश ही तो रह गए थे। कोरोना का पहला दौर था,और महामारी अपने चरम पर थी। मृतकों को घर की ड्योढ़ी पर … Read more

डबल इनकम – सीमा वर्मा

‘मजा’ है या किन्हीं विशेष परिस्थितियों में वो कैसे ‘सजा ‘ बन जाती है मेरी आज की कहानी में मैंने प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। कहानी के नायक और नायिका दोनों वर्किंग है। सुधीर मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापक हैं जबकि आस्था सरकारी बैंक में सीनियर क्लर्क के पद पर आसीन है। उन दोनों ने … Read more

बंधन – सीमा बत्रा

रंजीत और किरण जी के तीन बच्चे हैं। दो बेटे और एक बेटी। भरा पूरा खुशहाल परिवार है। रंजीत जी एक सफल बिजनेस मैन और किरण जी सरकारी स्कूल से रिटायर टीचर। पिछले दो साल से कोविड के चलते रंजीत जी के दोनो बेटो ने पापा से जिद करके बिजनेस को बंद करने के लिए … Read more

कैप्टन मोनिका खन्ना, – सुषमा यादव

,,देश को आप पर गर्व है,,   ,,, आज़ हमारे देश की बेटियां एक से बढ़कर एक कमाल कर रही हैं,,, प्रत्येक क्षेत्र में वो आगे बढ़ती जा रही हैं,,इसी क्रम में रविवार को अपने देश की एक पायलट  बेटी ने अपनी सफलता का परचम एक बार फिर लहराया है,, ,,** ,,, जी हां,, आज़ … Read more

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