यह दुनिया आपकी ‘रूल बुक’ से नहीं चलती – अर्चना खंडेलवाल
सफेद रंग की ऑडी कार गैराज में आकर रुकी। अमित ने गाड़ी से उतरते ही जोर से दरवाजा बंद किया। उसके चेहरे पर तनाव साफ़ दिख रहा था। वह तेज कदमों से घर के अंदर दाखिल हुआ। ड्राइंग रूम में उसके पिता, रघुवीर जी, अपनी पुरानी आराम कुर्सी पर बैठे एक डायरी में कुछ हिसाब … Read more