अधूरी औरत – मुकेश कुमार

काजल की  शादी हुए अभी सिर्फ 6 महीने ही हुए थे।  उसके पापा ने कितने शानो-शौकत से एक बड़े बिजनेसमैन ऋषभ से काजल की शादी कराई थी।  जिसका मुंबई में बहुत बड़ा रेस्टोरेंट का बिजनेस था।  सबको लगा था कि काजल को वह सब कुछ मिलेगा जो एक लड़की अपने पति से उम्मीद करती है … Read more

बहू नहीं बेटी है मेरी

सुनीता जी के घर में पूरा चहल-पहल था क्योंकि उनकी बेटे की शादी जो होने वाली थी घर में सारे मेहमान आ चुके थे अगले दिन ही बारात जाने वाली थी। सुनीता जी के पति का देहांत एक कार एक्सीडेंट के दौरान हो गया था तब से उन्होंने अपने पति के सारे बिजनेस को खुद … Read more

बहू नहीं बेटी हूँ मै

सलोनी ब्याह करके  अपनी ससुराल पहुंच गई थी.  ससुराल पहुंचते ही अपने मां के दिए हुए संस्कारों के अनुरूप घर के सारे लोगों के छोटे बड़े सारे काम करके उनके दिल में जगह बनाने में जुट गई थी उसकी मां का कहना था कि अगर तुम्हें अपने ससुराल में एक अच्छी बहू बनना है तो … Read more

जब सास बनी गई माँ !

यह कहानी हमारे बिल्कुल बगल में रहने वाली मीना आंटी की है.  मीना आंटी जब हमारे बगल वाले फ्लैट में रहने आई थी तब वह और उनका छोटा बेटा रितेश बहुत छोटा था. रितेश के पापा का देहांत बचपन में ही हो गया था।  एक्चुली में मीना आंटी बैंक में जॉब करती थीं उनका पोस्टिंग … Read more

कब तक चुप रहूँगी-मुकेश कुमार

रोशनी बचपन से ही होनहार थी। वह उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती थी, लेकिन उसके पिताजी के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह बहुत ज्यादा पढ़ाई कर सके। इसलिए उसकी पढ़ाई 12वीं के बाद ही छूट गई और उसके पिताजी ने उसकी शादी एक साधारण कमाने वाले लड़के से कर दी। लेकिन रोशनी हमेशा … Read more

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