“अलबेली” – सीमा वर्मा
“उठ जा री अलबेली, सुबह के सात बज रहे हैं। अब क्या सारा दिन सोती ही रहेगी ?” “अभी घर के भी सारे काम पड़े हुए हैं “। “उफ्फ ये अम्मा भी ना ठीक से नींद भी नहीं लेने देती है।” “कभी-कभी तो लगता है मेरा जन्म ही काम वाली बनने के लिए हुआ है। … Read more