सुनीता चाची – पूजा मिश्रा
बचपन से अपनी चाची को देखती हूँ घर मे जो भी बड़े बड़े काम होते चाची की सूझ बूझ से वह बहुत शानदार हो जाते थे ,चाची काफी पढ़ी लिखी थी टीचिंग जॉब करना चाह रही थी सेंट्रल स्कूल में उनको नौकरी मिल गई थी पर चाचा ने उन्हें … Read more
बचपन से अपनी चाची को देखती हूँ घर मे जो भी बड़े बड़े काम होते चाची की सूझ बूझ से वह बहुत शानदार हो जाते थे ,चाची काफी पढ़ी लिखी थी टीचिंग जॉब करना चाह रही थी सेंट्रल स्कूल में उनको नौकरी मिल गई थी पर चाचा ने उन्हें … Read more
*************** “स्तुति जल्दी आओ तुम यहां तुम्हारे मम्मी पापा का एक्सीडेंट हो गया है “फोन पर स्तुति की पड़ोसन ने बताया स्तुति बोर्डिंग स्कूल में कक्षा 11 की छात्र थी,आनन-फानन में वहां से निकली और अपने पैतृक शहर पहुंची।घर पहुंच कर देखा तो उसके मम्मी पापा दम तोड़ चुके थे ,पूरे घर में मातम का … Read more
अक्षरा, तुम्हारे जाने के बाद बहुत अकेला हो गया हूँ। तुम क्या गयी जैसे……जिंदगी ही चली गयी। सच है, जब तक तुम करीब थी, तुम्हारी अहमियत नही समझ पाया । बहुत लड़ा हूँ अपने अपने अहम से, अब थक गया हुं अक्षरा । मैं नही जानता मैं इस योग्य हुं कि नही, पर तुम्हारे लौट … Read more
‘मम्मा प्लीज जाते समय लाइट बंद करते जाना, मुझे लाइट में नींद नहीं आती।’ ‘बेटा समायरा ! छोटा बल्ब जलने दो,क्या तुम्हें अंधेरे में डर नहीं लगता?’ ‘कैसे लगेगा मम्मा ? तुम्हारी दो आँखें उसे मेरे पास आने ही नहीं देती,कितना ध्यान रखती हो मेरा, बेचारा डर…..डर कर भाग जाता है,और हाँ, कभी भूलकर सपने … Read more
मोहना कनाडा से आई शमशेर की चिठ्ठी पढ़ कर गुरदित को सुना रहा था | गुरदित की आँखों में ख़ुशी और दुःख के आंसू एक साथ बह रहे थे | चिठ्ठी के शब्द कम सुनाई दे रहे थे अतीत की बातें ज्यादा याद आ रही थी | “शमशेर ओ शमशेर कहाँ है , यार तेरा … Read more
सुबह सुबह मोबाइल बज उठा मिताली जी ने जल्दी से चश्मा ढूंढ कर आंखों में लगाया हड़बड़ी में ठीक से लग ही नहीं पा रहा था फिर मोबाइल ऑन किया तो उनके पोते तुषार का फोन था…..” हेलो हां बेटा ….सब ठीक तों है ना!…..क्या कह रहे हो ये तो मैने सपने में भी नहीं … Read more
मैं सुमेधा आज मेरी खुशी का ठिकाना नहीं है क्योंकि मैं मां बनने वाली हूं। आप मुझे बधाई देंगे हैना? पर जब मैं आपको बताऊंगी मैं अविवाहित हूं तो आप मुझे बेशर्म , कुलटा और ना जाने किस नाम से नवाजेंगे। पर रुकिए रुकिए इससे पहले की आप मुझे अपशब्द कहें कम से कम मेरी … Read more
अमन और रश्मि के विवाह को 3 साल बीत गए थे,, पर अमन की माँ ने कभी दिल से नहीं अपनाया था रश्मि को ,,उनको यही डर लगा रहता कि कहीं बेटा मुहँ ना मोड़ ले,,,अमन ने बहुत बार माँ को समझाना चाहा पर सीमा जी जैसे कुछ सुनना ही नहीं चाहती थी,,, रश्मि को … Read more
“मैं नहीं रह सकता अब एक भी दिन इस जाहिल औरत के साथ! इसके शक्ल से चिढ़ हो गई है मुझे!” अविनाश की तेज आवाज़ सुन शोभना जी ड्रॉइंग रूम में पहुँची तो वहाँ का नज़ारा कतई ख़ूबसूरत नहीं था। काँच के टुकड़े ज़मीन पर बिखरे हुए थे। कार्पेट गीला हो रहा था। अविनाश का … Read more
मैं hostel में दादा दादी को याद कर अपनी सहेली प्रिया को उनके बारे में बता रही थी, की ” मेरे दादा और दादी दुनिया में सबसे प्यारे और सबसे अनोखे दादाजी और दादी है, उनकी love story बड़ी दिलचस्प है, और वो दोनों भी। मेरे दादाजी और दादी एक दूसरे से जितना लड़ते है, … Read more