भैरवी — डा.मधु आंधीवाल

जनवरी की उस शाम घना अंधेरा उस पर बरसात शुरू हो गई थी। वह पूरा भीगा हुआ था और जंगल में पेड़ के नीचे खड़ा कांप रहा था, तभी जोर की बिजली कड़की और उसने देखा, उस पेड़ के ठीक पीछे एक मकान था । राहुल अपनी दोस्त प्रिया के बुलाने पर शहर से दूर … Read more

“बदलाव ”  – गोमती सिंह

——-बहुत दिनों से मेरी लेखनी थमी हुई थी, मैं समझ गई; लिख लिख कर नारी की गाथा कलम मेरी हैरान बड़ी थी।      तब क्या हुआ, एक दिन देखा ख्वाबों में मैंने  बलखाई नागन की तरह फिर इक नारी राहों में खड़ी थी ।              ख़्वाबों में ही पूछा मैंने- ऐ माँ ! इस बार … Read more

  प्रकृति का जादू ” –  रणजीत सिंह भाटिया

 प्राचीन समय की बात है एक राज महल में सुमेर सिंह नाम का एक माली काम करता था l राज महल का बड़ा सा बाग सदा हरा-भरा  और फूलों से खिला रहता था तथा तरह-तरह के पंछी  चाहचहाते रहते थे l सुमेर सिंह उस बाग की देखभाल अपनी औलाद के सामान करता था l पर … Read more

दहेज से तौबा – अंजु अनंत

“विनय बहुत ही अच्छा लड़का है, अच्छी नौकरी है, उनके पिता घनश्याम प्रसाद जी का भी काफी रुतबा है, मुझे तो अपनी अर्पिता के लिए ये रिश्ता बहुत सही लग रहा है” केशव दास जी  अपनी धर्मपत्नी जानकी देवी के साथ बैठ कर अपनी बिटिया अर्पिता की शादी की चर्चा कर रहे थे। उनकी बेटी … Read more

सलाह – कंचन आरज़ू

  ये बात सच है कि इंटरनेट की दुनिया ने जाने कितने उन अपनों को मिला दिया जो सिर्फ कहीं न कहीं दिलों दीमाग तक रह गए है।अब  पूजा को ही ले लो वो तो उस जमाने की ठहरी जब न नेट था न फोन तभी तो गए वक्त के साथ सब कुछ सीने में … Read more

श्रद्धान्जलि… – सपना शिवाले सोलंकी

हवन वेदी के सामने श्रीकांत धीर गम्भीर शांत मुद्रा में विराजमान हो, पंडित जी द्वारा बतायी जा रही पूजा विधि का अनुसरण कर रहा था । उसके मुख पर एक अलौकिक चमक थी। उसे निहारतीं हुई गायत्री जी मन ही मन सोच रही थी, सुबह से हवन पूजन की  सामग्री,ब्राम्हण भोज की तैयारी में  जुटा … Read more

रुका हुआ फ़ैसला – सपना शिवाले सोलंकी

” मम्मी अब ये लॉस्ट चान्स है बस फ़ाइनली डिसाइड कर ही लीजिये” अगले महीनें आ रहा हूँ मैं…जैसे ही टिकिट्स बुक होंगे, आपकों बता दूँगा, ठीक है ना! “हां बेटे” बड़े ही धीमें स्वर में शोभाजी ने कहा। कॉल डिस्कनेक्ट हो गयी थी फिर भी वे मोबाईल को कान में  लगाये हुई चुपचाप सोफ़े … Read more

मायावी यंत्र   –     बालेश्वर गुप्ता

#जादुई_दुनिया  मानव भी एक अजीब प्राणी है, सब कुछ प्राप्त होने पर भी, उसकी कामनाओं की उड़ान की कोई सीमा नहीं होती. मेरे ही मन मस्तिष्क में निवृत होने पर ऐसे ही विचार आने लगे आखिर केकई राम को बनवास भिजवाने का षडयंत्र कैसे रच पायी, उसके मन में उस समय क्या था, शकुनी ने … Read more

अपराध बोध – उमा वर्मा

अंधविश्वास को तोड़ती छोटी सी स्वरचित  कहानी ।—- सुबह होते ही भाग दौड़ शुरू हो जाती है ।पति का नाश्ता, बच्चों की टिफ़िन,घर की साफ-सफाई  सब कुछ तो जरूरी  हो जाता है ।आज भी सारे काम खत्म करके  चाय का कप लेकर  बालकनी में बैठी ही थी कि पति चिल्लाए “” मेरे मोजे नहीं मिल … Read more

‘ एक मुलाकात ‘ – विभा गुप्ता

   दोस्तों, जीवन में हम जब भी किसी से मिलते हैं या यूँ कहे कि ईश्वर जब हमारी मुलाकात किसी भी व्यक्ति से कराता है तो उसका एक उद्देश्य होता है।वह व्यक्ति या तो हमें एक संदेश देता है या फिर एक सबक।किसी से हमें दुख मिलता है या कोई हमें एक मुस्कान दे जाता है।ऐसी … Read more

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