मायका – पिंकी नारंग

कब आ रही है हमारी बिटिया रानी? इस बार आओ तो कुछ ज्यादा दिन के लिए आना |यूँ पल मे आना पल मे जाना नही भाता हमें, सुषमा फ़ोन पर बेटी से दुलार करते हुए कह रही थी |   ठीक है माँ ज्यादा दिन की छुट्टी ले कर आउंगी वैसे कभी माँ का मन भरता … Read more

आई. सी. यू.   l ICU – श्वेत कुमार सिन्हा

***************** रात के तकरीबन ग्यारह बजे थे जब अस्पताल में उद्घोषणा हुई और मुझे आई सी यू में बुलाया गया। दरअसल पिताजी के सांस लेने में काफी तकलीफ होने की वजह से डॉक्टर ने उन्हें आई सी यू में भर्ती किया था जहां अभी वह वेंटीलेटर पर थे। मैं अस्पताल के ही पहले तल्ले पर … Read more

प्रेम – शालिनी दीक्षित

“सुनिए चाय पिएंगे क्या?”, प्रिया ने दोनों के बीच में पसरी चुप्पी को तोड़ने की कोशिश करी। “अभी रहने दो थोड़ी देर में देखेंगे।”, आकाश ने खुद को संतुलित करते हुए जवाब दिया, कहीं उसके गले की भर्राहट प्रिया को सुनाई ना दे जाए। थोड़ी देर बाद आकाश को ऐसा लगा कि रसोई से कुछ … Read more

एक सैर, जादुई दुनिया की.. – संगीता त्रिपाठी

 #जादुई दुनिया..                        सुबह -सुबह आँख गुलाब की भीनी खुश्बू से खुली, देखा सुर्ख लाल गुलाब के दो फूल के साथ चाय का कप,सामने बैठे मुस्कुराते पतिदेव… मानों कोई सपना देख रही हूँ, पिछले कई बरस से तो मैंने पति देव को भौं चढ़ाते देखा,मुस्कुराते नहीं । उनको मुस्कुराते किसी ने नहीं देखा।सच चिकोटी काटने … Read more

भैरवी — डा.मधु आंधीवाल

जनवरी की उस शाम घना अंधेरा उस पर बरसात शुरू हो गई थी। वह पूरा भीगा हुआ था और जंगल में पेड़ के नीचे खड़ा कांप रहा था, तभी जोर की बिजली कड़की और उसने देखा, उस पेड़ के ठीक पीछे एक मकान था । राहुल अपनी दोस्त प्रिया के बुलाने पर शहर से दूर … Read more

“बदलाव ”  – गोमती सिंह

——-बहुत दिनों से मेरी लेखनी थमी हुई थी, मैं समझ गई; लिख लिख कर नारी की गाथा कलम मेरी हैरान बड़ी थी।      तब क्या हुआ, एक दिन देखा ख्वाबों में मैंने  बलखाई नागन की तरह फिर इक नारी राहों में खड़ी थी ।              ख़्वाबों में ही पूछा मैंने- ऐ माँ ! इस बार … Read more

  प्रकृति का जादू ” –  रणजीत सिंह भाटिया

 प्राचीन समय की बात है एक राज महल में सुमेर सिंह नाम का एक माली काम करता था l राज महल का बड़ा सा बाग सदा हरा-भरा  और फूलों से खिला रहता था तथा तरह-तरह के पंछी  चाहचहाते रहते थे l सुमेर सिंह उस बाग की देखभाल अपनी औलाद के सामान करता था l पर … Read more

दहेज से तौबा – अंजु अनंत

“विनय बहुत ही अच्छा लड़का है, अच्छी नौकरी है, उनके पिता घनश्याम प्रसाद जी का भी काफी रुतबा है, मुझे तो अपनी अर्पिता के लिए ये रिश्ता बहुत सही लग रहा है” केशव दास जी  अपनी धर्मपत्नी जानकी देवी के साथ बैठ कर अपनी बिटिया अर्पिता की शादी की चर्चा कर रहे थे। उनकी बेटी … Read more

सलाह – कंचन आरज़ू

  ये बात सच है कि इंटरनेट की दुनिया ने जाने कितने उन अपनों को मिला दिया जो सिर्फ कहीं न कहीं दिलों दीमाग तक रह गए है।अब  पूजा को ही ले लो वो तो उस जमाने की ठहरी जब न नेट था न फोन तभी तो गए वक्त के साथ सब कुछ सीने में … Read more

श्रद्धान्जलि… – सपना शिवाले सोलंकी

हवन वेदी के सामने श्रीकांत धीर गम्भीर शांत मुद्रा में विराजमान हो, पंडित जी द्वारा बतायी जा रही पूजा विधि का अनुसरण कर रहा था । उसके मुख पर एक अलौकिक चमक थी। उसे निहारतीं हुई गायत्री जी मन ही मन सोच रही थी, सुबह से हवन पूजन की  सामग्री,ब्राम्हण भोज की तैयारी में  जुटा … Read more

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