भूखे पेट भजन न होय गोपाला – अर्चना नाकरा
मम्मा कहां हो? सारे कम’रों में आवाज लगाती.. सिम्मी मुझे ढूंढ रही थी’ बस मैं कुछ घड़ी के लिए सुस्ताने ही बैठी थी पता तो था वो,आने वाली है पर लगा कमर सीधी कर ही लूं!! हां हां… यही हूं! क्या बात है बेटा? सिम्मी रूआंसी सी होकर बोली, आज भूख के मारे हालत खराब … Read more