भूखे पेट भजन न होय गोपाला – अर्चना नाकरा

मम्मा कहां हो? सारे कम’रों में आवाज लगाती.. सिम्मी मुझे ढूंढ रही थी’ बस मैं कुछ घड़ी के लिए सुस्ताने ही बैठी थी पता तो था वो,आने वाली है पर लगा कमर सीधी कर ही लूं!! हां हां… यही हूं! क्या बात है बेटा? सिम्मी रूआंसी सी होकर बोली, आज भूख के मारे हालत खराब … Read more

परवरिश – मंगला श्रीवास्तव

दिवाकर जी अपने दोस्त अनिल जी के साथ शहर की नामी वकील सुनन्दा के आलीशान घर के वेटिंग रूम में बैठे थे उनको सुबह आठ बजे बुलाया था सुनन्दा जी ने,वह अपने इकलौते बेटे को जो कि शराब पीकर नशे में मारपीट और लड़कियों  को छेड़ने के इल्जाम में जेल में बन्द था । वह … Read more

दिल का रिश्ता -दर्शना जैन

तनय ने परिवार को बिना बताये विभा से विवाह कर लिया, जब कोई किसी से प्यार करने लगता है तो दिल कहाँ कुछ सोचता है? विवाह अंतरजातीय था इसलिये तनय के पिता मनीष जी भड़क उठे और तनय व विभा को घर निकाला दे दिया और कभी उनका मुँह न देखने की कसम खा ली। … Read more

बेटियाँ – नरेश वर्मा

लॉटरी की पर्चियाँ मिक्स करके चीनी मिट्टी के बाउल में डाल दी गई ।सेंटर टेबल पर बाउल रखा है और सोफ़े पर तीनों आसन जमाएँ बैठी हैं।यह लॉटरी न तो किसी किटी पार्टी से ताल्लुक़ रखती है और न ही किसी खेल की शुरुआत के क्रम से।यह लॉटरी उस ऋण की अदायगी का क्रम है … Read more

जाने कहां गये वो दिन -डा.मधु आंधीवाल

धीरे धीरे गुम होगया बचपन कभी नहीं भूल पायेगे उम्र होगयी पचपन,  एक ऐसा बिषय लिखो तो पूरा उपन्यास लिख जाये क्योंकि अब बच्चों के बच्चे भी बहुत बड़े हो गये पर मै तो अब भी अपने बीते दिनों को जीवन्त करती हूँ । शादी को 50 साल पूरे होगये वह बात दूसरी है कि … Read more

बेटी हूँ पर बेटे से कम तो नहीं – रश्मि प्रकाश

माँ माँ चलो बारात आ गई …. पापा तुम्हें बाहर बुला रहे हैं ।” कामाक्षी ने अपनी माँ से कहा जो अंदर पूजा का सामान सहेजने में व्यस्त थी…. कौशल्या जी जल्दी से सिर पर रखी चुनरी सहेज दरवाज़े पर दूल्हे को परिछने आ गई । शादी की रस्में चल ही रही थी कि लड़के … Read more

वारिस – के कामेश्वरी

मेरा नाम कुमार है और मेरी पत्नी का नाम रमा है हमारी शादी 1990में हुई । माता-पिता ने ही शादीतय की थी । घर का बड़ा बेटा होने के कारण शादी के एक साल के बाद से ही माँ कहने लगी किवारिस आ जाए तो अच्छा है । वारिस कहते ही लोगों की सोच में … Read more

मैं हार नहीं मानूँगी – के कामेश्वरी

मेरा नाम श्रीदेवी है । मैं अपने माता-पिता की छठवीं संतान हूँ । जी ठीक पढ़ा आपने !!!मेरे माता-पिताकी हम छह लड़कियाँ थीं । मैं आख़री संतान होने के कारण मुझे सबका बहुत प्यार मिला । मैं पढ़ाई मेंअव्वल आती थी । इसलिए पिताजी हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते थे । पिताजी पुलिस डिपार्टमेंट मेंकाम करते … Read more

सोहबत का असर – अर्चना कोहली ‘अर्चि

तुम्हारी सोहबत से ही मैं बदल पाया सीमा और रवि अपनी उच्च आकांक्षाओं के चलते देर रात तक काम में व्यस्त रहते। इस कारण उनके पास अपने इकलौते बेटे रमेश के लिए भी समय नहीं था। रमेश की देखभाल के लिए उन्होंने एक पूरे दिन की आया का इंतजाम कर दिया था। रमेश की पढ़ाई … Read more

चंडी – अनुज सारस्वत

“देख बेटा खाने पीने का ध्यान रखना वो पीले बैग को अपने पास रखना उसी में खाना पीना 9 घंटे की फ्लाइट है लंदन की।चेक इन अच्छे से कराना।बाकी चार भी है इसमें सो जाना ओढ़कर।” 18 वर्षीय स्वाति को एयरपोर्ट के गेट पर उसकी मम्मी गायत्री अपने अंदर के सैलाब को दबाते हुए उसे … Read more

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