हिन्दी मे सुविचार
जरा सी बात से मतलब बदल जाते हैं,उंगली उठे तो बेइज्जती, और अंगूठा उठे तो तारीफ मतलबी नहीं मैं बस दूर हो गयी हूँ..उन लोगों से जिन्हे मेरी कदर नहीं. ‘रिश्ते’ और रास्ते’ के बीच,एक अजीब रिश्ता होता हैकभी ‘रिश्तों‘ से ‘रास्ते’ मिल जाते है और कभी ‘रास्तों’में ‘रिश्ते’ बन जाते हैं! इसीलिएचलते रहिये और … Read more