दिल का रिश्ता जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी – अनुपमा

राहुल अपने कॉलेज के जमाने से ही लड़कियों के बीच बहुत मशहूर था , दिलफेंक आशिक के नाम से ,ऐसी कोई लड़की नहीं थी जिस पर उसका दिल न आया हो , सभी लड़कियां ये जानती थी तो कोई भी कभी सीरियस वाली उसकी गर्ल फ्रेंड बनी भी नही । अब तो राहुल की शादी … Read more

खुशी का रंग  –   रीता खरे

     सावन माह के आगाज के साथ ही प्रकृति के हरित रंग में रंगते ही पर्णिका के चेहरे ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उदासी की चादर ओढ़ ली थी , सारी सखी सहेली हरी हरी चूड़ी पहनें , हाथों और पैरों में मेंहदी रचा कर अपने अपने मायके  सावन तीज मनाने ,भाई को … Read more

*अनमोल तोहफ़ा* – नम्रता सरन “सोना

“अनु बेटा, ये तेरे लिए , मेरा प्यार” कहकर चाची ने तमाम ज़ेवरों से लदी अनूराधा के गले में जड़ाऊ हार पहनाते हुए कहा। “चाची, ये क्यों? आपने मम्मी के सारे ज़ेवर मुझे दे तो दिए हैं और चाचा ने तो और भी कई सारे गहने दिए हैं, चाची, राजे का विवाह भी अभी होना … Read more

जीवन के अनोखे रंग – गीता वाधवानी

आज होली है। शिल्पा रसोई में प्याज और पनीर के पकोड़े तल रही है। उसके एक हाथ में बेसन लगा है और एक हाथ में कड़छी, तभी पीछे से उसके पति संजीव ने दबे पांव आप पर उसके दोनों गालों पर गुलाल लगा दिया।      शिल्पा में झूठा गुस्सा दिखाते हुए उसे प्यार से डांट दिया … Read more

दिल का रिश्ता – मीनू जायसवाल

यू तो सभी रिश्ते ईश्वर ने तय करके हमे इस दुनिया मे भेजा है जैसे माता पिता, भाई बहन इसी तरह ओर भी रिश्ते है जो पहले से तय है, बस एक रिश्ता है जो हम बनाते हैं वो है दिल का रिश्ता या यूं कहो कि दोस्ती का रिश्ता ….. 19 साल पुरानी बात … Read more

 दिल का रिश्ता – भगवती सक्सेना गौड़

सामने अथाह जल समुद्र और लहरों का शोर और उसमे एक अधेड़ उम्र की रीमा एक कुर्सी पर बैठे हालात का जायजा ले रही थी, मोबाइल में न्यूज़ देखे जा रही थी। पूरे जीवन स्वयं को कर्म में झोंक दिया था, स्कूल में शिक्षक थी, फिर प्रिंसिपल बनी और एक महीने पहले ही रिटायर हुए। … Read more

तेरा  मेरा रिश्ता – सुषमा यादव

,,,, तुम मेरी जिंदगी में आये,एक बहार बन कर,,,, ,, मेरी जिंदगी में ठंडी हवा के झोंके जैसा तुम्हारा आना,, वो भी उस वक्त जब मैं तन्हां थी,, परेशानियों और जिम्मेदारियों के झंझावातों से चारों तरफ से घिरी हुई थी,,,,,,,, पहली बार तुम्हारी आंखों में मैंने अपने लिए अपार वेदना और आंखों में आसूं देखा,,मेरा … Read more

प्रकृति के संकेत – मनवीन कौर

अनघा का फ़ोन था ,”क्या  दिया सासु माँ ने सरगी के लिए ?”उसने उत्सुकता से  पूछा । “कुछ नहीं । वह कहती हैं हम नहीं मानते व्रत – श्रत ।”मिनी ने कहा । “फिर पति देव लाए होंगे ?” “अरे नहीं ,यह भी कहाँ मानते। मैंने सरगी में आलू गोभी की सजी और दो पराठे … Read more

मीठी वाणी बोलिए  – पायल माहेश्वरी

मीठी वाणी बोलिये, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होय।। भावार्थ: कबीर दास जी कहते हैं, कि प्रत्येक मनुष्य को ऐसी भाषा बोलनी चाहिए जो श्रोता (सुनने वाले) के मन को आनंदित (अच्छी लगे) करे ऐसी भाषा सुनने वालो को तो सुख का अनुभव कराती ही है, इसके साथ स्वयं का … Read more

दिल से जुड़े रिश्ते – के कामेश्वरी

सुगता की शादी आकाश के साथ तय हो गई थी । फ़रवरी में शादी की तिथि भी तय कर दिया गया था  । दादी की चहेती पोती थी । इसलिए दादी हमेशा उसे अपने आँखों के सामने ही रखती थी । अब तो दो महीनों में चली जाएगी इसलिए दादी ने सबको वार्निंग दे दी … Read more

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