और फूल खिल गए! – ज्योति व्यास
अरे लल्ला ! यहाँ अकेले काहे बैठे हो ? वो भी इतने उदास ! क्या हो गया? कुछ नहीं भाभी माँ !बस यूं ही। हमसे न छुपाओ। हमारे सामने नेकर पहनना भी नहीं आती थी। कल तुम्हारा ब्याह हुआ है ,आज यहाँ उदास बैठे हो और कहते हो कुछ नहीं हुआ ! भाभी एक ही … Read more