विश्वासघात -बिमला रावत : Moral Stories in Hindi

राधिका जी शाम की चाय पी रही थी कक तभी गेट की घंटी बजी, देखा तो श्यामा जी थी। राधिका जी ने श्यामा जी का बडे गमम जोशी से स्वागत ककया। करती भी क्यों नहीं, दोनों की दोस्ती पचास साल पुरानी थी। राधिका जी ने श्यामा जी से कहा, ‘तुम बैठो, मैंतुम्हारे ललए चाय बना … Read more

अपनों से पराए भले – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

‘‘ ये लोग जो चुपचाप बैठे है ये लोग कौन हैं गरिमा तू जानती है इनको?’’ रसोई में पूरी तलती  सुरभि ने गरिमा से पूछा ‘‘ जानती तो मैं भी नहीं… लगता है कोई बाहर वाले होंगे, तभी तो मेहमान बनकर बैठे हैं।’’ गरिमा ने अपनी सोच की गाड़ी को एक कदम आगे बढ़ा कर … Read more

यादों की पोटली – प्रतिमा पाठक : Moral Stories in Hindi

बात उन दिनों की है, जब मैं शिक्षिका थी।दिल्ली के एस.जे. मॉडल स्कूल में मैंने तीन वर्षों तक अध्यापन कार्य किया। यह केवल नौकरी नहीं थी, बल्कि आत्मा को संतुष्टि देने वाला अनुभव था। कक्षा की चौखट पर कदम रखते ही ऐसा लगता था मानो जीवन रूपी किताब का एक नया पन्ना खुल रहा हो। … Read more

आप अपने बेटे के साथ क्यों नहीं रहते – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

हेलो.. भाई साहब, दशहरे के दिन राजू ने छोटा सा हवन रखा है यहीं अपने गांव में, आपको भाभी जी को और बेटे बहू को सभी को आना है ज्यादा लोग नहीं है बस घर-घर के ही कुछ लोग हैं आपको तो पता ही है राजू कब से इस छोटे से घर को पक्का करवाने … Read more

किस्मत भाग -10 अंजु गुप्ता ‘अक्षरा : Moral Stories in Hindi

“ऐसी हीरोइन… जिसे दूसरे कॉलेज का हीरो उड़ाकर ले गया।” , रिया ने जानबूझकर ताना मारते हुए विपुल की ओर देखा। विपुल के चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान थी, मगर उसकी आँखों में चोट साफ़ झलक रही थी।वो चाहकर भी पलटकर कुछ नहीं बोला… बस गहरी साँस लेकर नज़रें झुका लीं। ———– अब आगे ———– विपुल की … Read more

किस्मत भाग -9 अंजु गुप्ता ‘अक्षरा : Moral Stories in Hindi

इधर सुमि और विपुल अपने अतीत और वर्तमान की उलझनों को सुलझा रहे थे, तो दूसरी तरफ़… शाम के वक़्त पार्क की बेंच पर सुमन अकेली बैठी थी। पैरों से पत्तों को बार-बार ठेलते हुए जैसे वो अपने भीतर की बेचैनी को दूर करना चाह रही थी। उसकी उँगलियाँ अनजाने में बेंच के किनारे खुरच … Read more

किस्मत भाग -8 अंजु गुप्ता ‘अक्षरा :Moral Stories in Hindi

इधर कॉलेज से घर पहुँचते ही विपुल बिस्तर पर ढह गया।लेकिन दिमाग में बार-बार वही पल घूम रहा था —जब उसने विकास से हाथ मिलाया था, मुस्कुराकर उसे बधाई भी दी थी। लेकिन सुमि की मुस्कान, उसका शरमाना, नज़रें झुकाना, हर बात उसके दिमाग में घूम रही थी—सुमि, जिसे वह न जाने कब से पसंद … Read more

किस्मत भाग -7 अंजु गुप्ता ‘अक्षरा : Moral Stories in Hindi

सच में वो बिलकुल फ़िल्मी सीन ही था। सुमि अभी भी चांदनी फिल्म की हीरोइन की तरह शरमा रही थी। उसने चुपचाप अपने बाल कान के पीछे सरकाए और नज़रें झुका लीं। विकास के चेहरे पर एक अलग ही शरारती मुस्कान थी, जिसे सिर्फ सुमि ही समझ सकती थी। इधर कशिश भीतर ही भीतर जल … Read more

किस्मत भाग -6 अंजु गुप्ता ‘अक्षरा : Moral Stories in Hindi

कुछ दिन बाद कॉलेज में कल्चरल प्रोग्राम था और सभी उसकी तैयारियों में बिजी थे।  पर सुमि तो अपनी ही दुनिया में खोई रहती।विकास का यूँ सामने आकर प्रपोज़ करना, उसका ध्यान रखना—यही खयाल उसे गुदगुदाता रहता। शायद यही वजह थी कि विपुल के बार-बार कहने पर भी उसने सिंगिंग में अपना नाम नहीं लिखवाया। अब … Read more

किस्मत भाग -5 अंजु गुप्ता ‘अक्षरा : Moral Stories in Hindi

रात का पूरा वक़्त सुमि के लिए किसी सपने जैसा बीता था। पिछली शाम की हर एक बात उसके दिल के कोने-कोने में गूंज रही थी। विकास का — “आई लव यू” कह उसे बाहों में भर लेना… बार-बार उसकी धड़कनों को तेज़ कर देता था । नींद तो जैसे उसकी आँखों से कोसों दूर … Read more

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