करवा चौथ और किरण का आगमन,,,, – मंजू तिवारी

आज से लगभग 40 साल पहले करवा चौथ के दिन किरण का जन्म हुआ था किरण की जन्म से किरण की दादी के पैर जमीन पर नहीं पढ़ रहे थे ,,,किरण का हॉस्पिटल की जिस वार्ड वार्ड में जन्म हुआ था उसमें अधिकतर सभी के बेटे ही पैदा हुए थे,,, और सभी ने करवा चौथ … Read more

 ‘ सुख- दुख तो धूप-छाँव की तरह है ‘ – विभा गुप्ता 

 ” बिटिया, परदेश में हो ना,चिंता तो लगी ही रहती है।लो ,अपने पापा से बात कर लो।” कहकर आरती ने मोबाइल अपने पति आलोक को थमा दिया।उधर से आवाज़ आई, ” पापा, मम्मी को समझाइये ना, मुझे यहाँ रहते हुए पूरे आठ महीने हो गए हैं।अब तो मेरी चिंता न ..।” बेटी की बात पूरी … Read more

गमों के बीच झांकती खुशियां – तृप्ति शर्मा

विधि का मन आज खुशी और गम के बीच झूल रहा था , खिड़की के बाहर नवरात्र के पंडाल में सजे धजे लोग माता के रूप को निहार ,उनकी बलईयां लेते नहीं थक रहे थे ,हर जगह मां के जयकारों की गूंज थी। विधि के अशांत मन को यह गूंज भी शांत न कर पाई, … Read more

मां तुमने मेरे लिए क्या किया है – पुष्पा ठाकुर 

जब देखो बगल वाले घर में रहने वाली रीता आंटी के घर से यही शोर शराबा सुनाई पड़ता था कि मां तुमने हमारे लिए कुछ नहीं किया…        रीता आंटी कम पढ़ी लिखी या कहो कि न के बराबर पढ़ी लिखी एक साधारण सी महिला हैं , जिनके पति चौहान जी शिक्षक थे।लगभग बारह वर्ष पहले … Read more

अच्छे लोगों के साथ बुरा -गीता वाधवानी

शिवानी की नई-नई शादी हुई थी। उसकी ससुराल के लोग बहुत अच्छे थे। वह प्रतीक से शादी करके बहुत खुश थी। थोड़े दिनों में दिवाली आने वाली थी और शिवानी को अपनी मां की बहुत चिंता सता रही थी क्योंकि वह दूसरे शहर में घर में बिल्कुल अकेली थी।       शिवानी के माता-पिता बहुत सुलझे हुए … Read more

जाने कहां गये वो दिन – डा.मधु आंधीवाल

धीरे धीरे गुम होगया बचपन  कभी नहीं भूल पायेगे उम्र होगयी पचपन,   एक ऐसा बिषय लिखो तो पूरा उपन्यास लिख जाये क्योंकि अब बच्चों के बच्चे भी बहुत बड़े हो गये पर मै तो अब भी अपने बीते दिनों को जीवन्त करती हूँ । शादी को 50 साल पूरे होगये वह बात दूसरी है कि … Read more

जो भी है बस यही एक पल है – कमलेश राणा

शुचि की नई नई शादी हुई थी जैसा पति वह चाहती थी आकाश बिल्कुल वैसा ही था,, एकदम उसके सपनों के राजकुमार जैसा,, सुबह गार्डन में चाय की चुस्की के साथ जो सुबह शुरू होती तो दिन प्यार के साये में कब गुजर जाता,, पता ही नहीं चलता,, शाम को दोनों हाथों में हाथ डाले … Read more

वह भोली सी लड़की – निभा राजीव “निर्वी”

इतने लंबे अरसे के बाद गांव आकर विनय को बहुत अच्छा लग रहा था। यहां की ताजी हवा और स्वच्छ वातावरण उसमें मानो एक नई ऊर्जा का संचार कर रहे थे।                  दरअसल विनय के पिता का पैतृक घर यही गांव में था। परंतु बाद में पिता की नौकरी शहर में लग जाने के बाद उन्होंने … Read more

“जिंदगी और कुछ भी नहीं कभी खुशी कभी गम की कहानी है”  – सुधा जैन 

अपने आसपास नजर डालती हूं तो हर जीवन एक कहानी है। जिसमें कभी खुशी है और कभी गम है। मेरी यह कहानी मेरी जिंदगी के एकदम करीब मेरे हमसफर की कहानी है । मेरे हमसफर का जीवन हमेशा कभी खुशी और कभी गम के साए में घिरा रहा। चार भाई-बहनों का परिवार ….पापा शिक्षक …मम्मी … Read more

पहला करवा चौथ” – कुमुद मोहन

निया!तुम्हें मेरी कसम लो ये थोड़ा सा जूस पी लो !मैने मम्मी से भी पूछ लिया उन्होनें भी परमिशन दे दी”समर अपनी नई नवेली दुल्हन से बहुत मनुहार कर के कह रहा था जो आज उसके लिए करवा चौथ का व्रत किये थी! निया और समर का ब्याह अभी कुछ दिन पहले ही हुआ था! … Read more

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