” उम्र खुशियों की मोहताज़ नहीं होती ” – कुमुद मोहन 

काॅल बेल बजी, देखा एक 10-12साल का लड़का कैरी बैग लिए खड़ा था,” क्या काम है ” सीमा ने पूछा, वो कोने वाली कोठी से आंटी ने भेजा है,खोला तो देखा थोड़ा सा ताजा पालक,मेथी,टमाटर, हरी धनिया और,एक टुकड़ा कद्दू, करौंदे,नींबू ?इतनी ताज़ी सब्जियां देख कर उसे मज़ा आ गया।         सीमा और अतुल कालोनी … Read more

 ग़ैरों में अपना सा प्यार – रश्मि प्रकाश 

सरला ताई अकेली बड़े से घर में रहती थी। पति बहुत पहले ही गुजर गये थे एक बेटा था वो विदेश में रहता था। अपने घर और जगह से इतना लगाव था कि वो लाख बोलने के बाद भी बेटे बहू के साथ रहने नहीं जाती हर बार यह कहती जब तक हाथ पैर चल … Read more

पतिदेव, मैं आपमें और नौकरी में से तो नौकरी को ही चुनूगीं। – सुल्ताना खातून 

“मैंने कह दिया चित्रा अब तुम रिजाइन कर रही हो, मैं तुमसे अब नौकरी नहीं कराने वाला” – अभय ने हाथ उठाकर चित्रा को कुछ और बोलने से मना कर दिया। “लेकिन अभय तुम मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हो, मैं नौकरी शादी से पहले से कर रही हूं, शादी को 2 साल बीत … Read more

आइसक्रीम – अंकित चहल ‘विशेष’

कल इतवार था । इतवार को हमारे यहाँ साप्ताहिक बाज़ार लगता है । सब्जी से लेकर लगभग सभी घरेलू सामान, बाज़ार में आसानी से मिल जाता है । आसपास के लोग भी इसी बाज़ार में ख़रीदारी करने आते हैं ।           मैं भी हर हफ्ते की भाँति सब्जी, दालें और कुछ सामान लेकर आ रहा था … Read more

मैं नौकरी करने लगी हूँ – संगीता अग्रवाल

 “ये क्या है रोहन तुम्हारा जब मन करता घर आते हो वरना दोस्तों साथ निकल जाते, मैं तुमसे पैसे माँगू तो है नही वैसे कितने ही उड़ाते.. मेरी और बच्चों की भी जरूरतें है.” राशि ने रोहन से कहा! ” क्यों क्या कमी रखता हूँ मैं तुम्हें और बच्चों को, खाना पीना, कपड़े लत्ते सब … Read more

उतरन….!! – विनोद सिन्हा “सुदामा”

रधिया खुश थी कि इसबार…दिवाली पर मुन्निया को वह नए कपड़ो में मेला घुमाने ले जाएगी…. कितनी अच्छी थी बीवी जी कितना खयाल रखा करती थी वह…रधिया को भी बिल्कुल नयी साड़ी दिया था उन्होंने….. कपड़े देते वक्त सुमन जी कह रही थी…देख लक्ष्मी पर यह फ्रॉक कितनी सुंदर लगेगी…बिल्कुल गुड़िया लगेगी…और यह लाल साड़ी … Read more

ऐसे क्या कोई अपनी भाभी को परेशान करता है –   नीतिका गुप्ता 

क्या बहू; तुम्हें हर समय मायके जाने की पड़ी रहती है, अभी कुछ महीने पहले ही तो तुम अपनी बुआ की बेटी की शादी में अपने सब मायके वालों से मिलकर आई हो… अब क्या करना है वहां जाकर..?? वैसे भी तुम्हारे मायके वालों के पास कोई खजाना तो है नहीं जो तुम्हें बार-बार निकाल … Read more

 आप बेटियों वाले हैं थोड़ा मर्यादा में रहना चाहिए –  मनीषा भरतीया

सुबह सुबह मीठी आवाज में आरती की गूंज से पूरा वातावरण निर्मल हो रहा था। उनकी आवाज में साक्षात सरस्वती का वास था। यह आरती की आवाज सुधाकर जी के घर से आ रही थी। उनकी पत्नी सुनीता जी रोज सुबह 5 बजे ही भगवान की भक्ति में लग जाती थी। सुधाकर जी के परिवार … Read more

दीवाली का तोहफा – अमिता कुचया

नन्ही कुहू को हमेशा लगता कि हम सब मिलकर दादी दादा के साथ त्योहार  में एक साथ हो कितना अच्छा हो। पर अमित की नौकरी  विदेश में होने के कारण त्योहार में अपनों के पास आ ही  नहीं पाता । क्योंकि उसके पास उस समय छुट्टी नहीं रहती ! हमेशा चाहकर भी दीवाली का त्योहार … Read more

” खुलने लगी गांठ ” – डॉ. सुनील शर्मा

शाम के पांच बजने वाले थे. सुमित दिन भर की फाइलें लेकर बॉस के केबिन में गया और हस्ताक्षर कराने लगा. कृष्ण कांत जी उसके बॉस अवश्य थे लेकिन बहुत ही अनुभवी तथा शालीन प्रकृति के थे. काम करने वाले कर्मचारियों की कद्र करते थे. आज भी पूछ बैठे ‘ कल तो दिवाली है,क्या प्रोग्राम … Read more

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