बेटियां कब पराई हो जाती है पता भी नहीं चलता – विभा गुप्ता
कार की खिड़की से पीछे छूटते पेड़ों को देखते हुए सुमन के चेहरे पर एक ऐसी मुस्कान थमी हुई थी जिसे दुनिया की कोई भी चिंता मिटा नहीं सकती थी। शादी के पूरे चार महीने बाद वह अपने मायके जा रही थी। बगल में ड्राइविंग सीट पर बैठे उसके पति, रजत, बार-बार उसे कनखियों से … Read more