संस्कार तो बेटे को भी देने पड़ते हैं। – अर्चना खंडेलवाल

“मुझे उम्मीद नहीं थी सात साल बाद ऐसा कुछ होगा!!! अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था सामने प्राची को देखकर लग रहा था कि दुनिया बहुत ही छोटी है सोना कभी प्राची से फिर से मिलेगी ऐसा सोना ने सपने में भी नहीं सोचा था। जो रिश्ते संज्ञाहीन और भावशून्य हो जाये उन … Read more

सोने का पिंजरा – रश्मि प्रकाश

शीना के चेहरे पर कई भाव आ जा रहे थे…. तभी कमरे में सुमिता जी आ गई….“ क्या कर रही हो दोनों… सोई नहीं अब तक…. ।” कह कर वो भी वहीं बैठ गई शीना माँ को देखते उनके गले लग गई और बिलख पड़ी….ऐसा लग रहा था आज कई वर्षों बाद वह अपनी माँ … Read more

माँ मै आपका अपमान नही सह सकती – किरण विश्वकर्मा 

आज कई वर्षों बाद वह अपनी मां के सामने बिलख पड़ी…..  मां मै तुम्हारा अपमान कैसे सह लूँ….. मां मैं थक चुकी हूं अब और मुझसे सहन नहीं होता है फिर मेरी बात हो तो मैं बर्दाश्त भी कर लूं पर जब मां आपको कोई कुछ भी अपशब्द कहता है या फिर मेरी परवरिश पर … Read more

मां तो कभी बच्चों पर किए गए खर्च का हिसाब नहीं लगाती!! – अर्चना खंडेलवाल

मां, अकेले मेरी जिम्मेदारी नहीं है, महीना शुरू हुए इतने दिन हो गये और आपने अभी तक भी पैसे नहीं भेजे?? मैं ही अकेला मां का खर्चा क्यूं उठाऊं? अभी मेरे मकान का भी काम चल रहा है, अब मकान बनवाऊं या मां की बीमारी में पैसा खर्च करूं! मेरे पास भी कोई खजाना नहीं … Read more

काश मैंने बेटे की जगह पति और पिता बनकर फैसला लिया होता!! – संगीता अग्रवाल  

” माफ कीजिएगा मांजी आपकी बहु के मरी हुई संतान पैदा हुई है !” नर्स बाहर आ उमा जी से बोली। ” क्या ….और मेरी पत्नी कैसी है ?” उमा जी की बजाय उनके बेटे रक्षित ने पूछा। ” वो अभी बेहोश हैं असल में बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी करवाने की चक्कर में उन्होंने पहले … Read more

मॉं! ऑटो रिक्शा वाले अंकल अच्छे नहीं हैं…. – भाविनी केतन उपाध्याय 

” बिट्टू बेटा, जल्दी करो, तुम्हारे ऑटो रिक्शा वाले अंकल आ गए हैं, देखो होर्न पर होर्न बजाए जा रहे हैं” निशा ने अपने सात साल के बेटे को कहा। “मम्मी, आज मुझे पापा के साथ स्कूटर पर जाना है आप अंकल को बता दिजीए ना….. “बेटा, बात को समझो जरा, पापा को तुम्हें छोड़ने … Read more

मोहल्ले वाला प्यार – बरखा शुक्ला 

बिन्नी एक क़स्बेनुमा शहर में रहती थी  । उसके बाबूजी की परचून की दुकान है। अब भई कब और कैसे बिन्नी को पड़ोसी का बेटा विनय भा गया ,पता नहीं । विनय के पिताजी की स्टेशनरी की दुकान थी , शहर में जितने भी स्कूल थे ,उनकी किताबें वहाँ उपलब्ध रहती  , तो दुकान बढ़िया … Read more

माँ जी संस्कारों की बात आप तो कीजिये ही मत – मीनाक्षी सिंह 

संगीता – माँ जी ,आज क्या बनाऊँ खाने में ?? बबिता  जी ( संगीता की सास ) – पूछ तो ऐसे रही हैं ,,जैसे रोज हमसे ही पूछकर बनाती आयी हैं !  संगीता – जिस दिन पापा जी  ( संगीता के ससुर जी ) मंडी से एक साथ सब्जी लाते हैं तो हमेशा पूछकर ही … Read more

 साधना – मधु शुक्ला

आठ वर्ष के इंतजार के बाद मनीषा को मातृत्व सुख प्राप्त होने वाला था। परिवार में सभी बहुत खुश थे। मनीषा के पति शिवम उसका विशेष ध्यान रखते थे। सही समय पर मनीषा जुड़वां बच्चियों की माँ बनी लेकिन उनको पालने के लिए जीवित न रही, वह डिलीवरी के दूसरे ही दिन स्वर्ग सिधार गई। … Read more

 बुनियाद – गुरविंदर टूटेजा

#संस्कार  शुचि तुमने माँ को बता दिया ना कि हम आज पिच्चर जा रहें हैं और खाना भी बाहर से खाकर आयेंगे….शादी के पन्द्रह दिन बाद बाहर जातें समय रमन ने पूछा…??   नहीं रमन मैंने तो नहीं बताया…!!!! हाँ तो अब बोल ना…!!   ये समझ नहीं आया कि बताना क्यूँ है…??   देखो हम संयुक्त परिवार … Read more

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