आलसी बहु – चेतना अग्रवाल
“अनुज, जरा थोड़ी देर के लिए गुनगुन को सँभाल लीजिए। लगातार रो रही है, इस तरह मैं रसोई में काम नहीं कर पा रही।” खाना बनाती रचना ने रसोई से अपने पति को आवाज दी जो टी वी देखने में मशगूल था। रचना के सास-ससुर भी हॉल में बैठे टी वी देख रहे थे। अनुज … Read more