आंखों में धूल झोंकना – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

पापा.. मुझे शहर में नौकरी मिल गई है पूरे ₹30000 देंगे, अब देखना मैं अपने घर की गरीबी को कितनी जल्दी दूर करती हूं और 1 साल के बाद में जब मेरी जॉब स्थाई हो जाएगी मैं आपको भी वही बुला लूंगी! बेटी पल्लवी की बात सुनकर पिता किशोर बहुत प्रसन्न हुए उन्हें लगा चलो … Read more

यह गंवार औरत मेरी मां है। – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

      पापा मेरे स्कूल के सारे बच्चों ने स्पाइडर-मैन देख ली है, इस इतवार को हम भी पिक्चर देखने जाएंगे, राहुल  लाड करते हुए पापा से बोला। हां बहुत दिन हो गए, मुझे भी बहुत सा सामान खरीदना है, चलो मैं भी वहां माल के स्टोर से ही कुछ सामान भी खरीद लूंगी, नित्या ने कहा। … Read more

तीन दिनों बाद – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

भोपाल के एक बड़े और समृद्ध मुहल्ले में उस दिन अफरा-तफरी मच गई।एक आलीशान कोठी के भीतर से तेज़ बदबू आ रही थी।लोगों ने पहले सोचा कि शायद कोई जानवर मर गया होगा, लेकिन जब बदबू असहनीय होने लगी तो सबको अंदेशा हुआ कि मामला कुछ और है। मुहल्ले वालों ने मिलकर पुलिस को बुलाया। … Read more

सरपंच पति – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

आज पंद्रह अगस्त की सुबह थी । अन्य दिनों की अपेक्षा आज की सुबह बड़ी खुशनुमा थी। राष्ट्र भक्ति के गीत माहौल को देशभक्ति से ओत-प्रोत बना रहे थे। जहां कुछ बच्चे सफेद यूनिफॉर्म में सजे  पी टी के लिए पंचायत भवन की ओर बढ़ रहे थे तो वहीं दूसरी ओर कुछ छात्रायें  रंग-बिरंगी पोशाकें … Read more

कर्मो का फल – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

कोटा शहर की एक कॉलोनी जो हाऊसिंग बोर्ड के मकानों से बनी थी। जिसमें लगभग छोटे, मध्य एवं बड़े सब मिलकर लगभग तीन हजार के करीब मकान बने हुए थे। उन्हीं में एक मकान था चिरंजीलाल का जिसमें वह अपनी पत्नी एवं चार बच्चों के साथ सुख पूर्वक रहता था। दो बेटे एवं दो बेटियां। … Read more

शुरुआत कहीं से तो होती है – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

बहु, नंदिनी का रोका वह लोग अगले हफ्ते ही करना चाहते हैं। वह कह रहे हैं अनुपम को अगले महीने ही लंदन जाना है तो वह रोक करके जाना चाहता हैं, फिर एक साल बाद शादी। आशा जी ने अपनी बहू नम्रता से कहा नम्रता:   पर मम्मी जी, इतनी जल्दी सब तैयारी कैसे हो … Read more

अधूरी पूर्णता – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi

सुरभि ने रोहन के कॉलर को सँवारते हुए अचानक कहा— “चलो रोहन! क्यों न हम दोनों शादी कर लें?” रोहन ने हल्की मुस्कान के साथ उसकी ओर देखा और बोला— “अरे, ऐसी भी क्या जल्दी है? पिछले पाँच साल से तो हम बिना शादी के ही साथ रह रहे हैं।” सुरभि की आँखों में एक … Read more

दर्द के बदले दर्द ही मिलता है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“अरे तुम फिर से कंपनी आ गई  तुम तो मना कर रही थीं  कि  मैं अब इस कंपनी में काम नहीं करूंगी आशीष के साथ शादी करके अपना घर बसाऊंगी” नेहा ने अपनी सखी सुनंदा से कहा जो आज कई  दिनो के बाद कंपनी में काम करने के लिए आई थी नेहा की बातें सुनकर … Read more

विश्वास घात – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

रामकृष्ण और हरिकिशन एक छोटे से गांव में रहते हैं। दोनों ही खेत-खलिहान का काम करते हैं। सादा जीवन, उच्च विचार उनके अंदर कूट-कूट कर भरे थे। उनके विचारों से गांव के लोगों को पूर्ण संतुष्टि होती थी, जबकि दोनों किसान भाई अनपढ़ थे। कई बार गांव के लोग उनकी बातों की खिल्ली उड़ाते, परंतु … Read more

विश्वासघात अपनों से – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ माँ देखो… ताई जी और हर्ष आए हैं।” कविशा ने अपनी माँ जया से दरवाज़ा खोलते ही ज़ोर से बोली ये सुनते ही अपने कमरे में पति नवल के साथ बातचीत में व्यस्त जया की भौहें तन गई… ये दीदी आज अचानक हमारे घर क्यों आए हैं… ,”कहीं तुमने तो उन्हें नहीं बुलाया है?” … Read more

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