अव्वल दर्जे की बेवकूफ़ – नीरजा कृष्णा

सीमा ऑंखें बंद किए सोच में डूबी है। आज का दिन उसके जीवन का बहुत बड़ा दिन है। घर में चहलपहल मची है पर वो…वो तो आज अपने कड़वे अतीत में डुबकी लगा रही थी… कितने सपने ऑंखों में संजोए वो इस घर में राजेश की पत्नी बन कर आई थी। सारे सुनहरे सपने धीरे … Read more

वादा – विजया डालमिया

“प्रेम कहाँ हो तुम?” कहते हुए दना- दन सीढ़ियाँ चढ़ गई प्रिया। दूसरे माले में प्रेम का रूम था। जल्दी-जल्दी चढ़ने की वजह से उसका गोरा रंग गुलाबी हो चला था। सफेद सलवार सूट में वह खिलता गुलाब दिख रही थी। कमरे के बाहर कमर पर हाथ रखकर वह एकटक प्रेम को ही निहार रही … Read more

लज्जा – पूजा मनोज अग्रवाल

लज्जा का विवाह करीब 17 वर्ष पहले दीनदयाल से हुआ , दीनदयाल पेशे से किसान था , शादी के सत्रह वर्ष बीत गए पर आज तक भी वह औलाद का मुंह ना देख पाया था । लज्जा पिछले कई वर्षों से गांव वालों और अपने घर परिवार वालों से बांझ होने के ताने सुनती आ … Read more

संघर्ष – कल्पना मिश्रा

अचानक खट की आवाज़ से उनकी नींद खुल गई। “तेज़ हवाओं के साथ बारिश हो रही थी इसीलिये शायद कुछ गिर गया होगा।” फिर उन्होंने तकिये के नीचे से मोबाइल निकाल कर समय देखा तो रात के दो बज रहे थे। “अभी थोड़ी देर और सो सकते हैं ,ये सोचकर उन्होने फिर से आँखें बंद … Read more

परिभाषा – गुरविन्दर टूटेजा

  रीता भाभी, नमिता भाभी , और भी बहुत सी कॉलोनी की भाभियाँ  व मैं अनु….हम सब सामने के गार्डन में बैठे शाम को बात कर रहे थे….तो बातों बातों में हमने सोचा कि मिलकर कही चलते है…???? किसी ने कहा पिकनिक…किसी ने कहा मूवी….तो मैंने कहा कि क्यूँ ना हम सब मनोविकास केन्द्र जहाँ मानसिक … Read more

छोटी सी बात – अभिलाषा कक्कड़

आज सरिता बहुत दिनों के बाद चंडीगढ़ दीदी अर्चना के घर आईं थीं । शादी से पहले तो बहुत आना जाना लगा रहता था ,सारी ख़रीदारी की भी एकमात्र वहीं जगह थी ।दो चार दिनों के लिए दीदी अकेली थी । जीजा जी अपने किसी काम से शिमला गये थे और बहु बेटा और पाँच … Read more

भारत के टॉप 5 काजल ब्रांड और लगाने के फायदे ( Top 5 Mascara Brands in India)

रोजमर्रा के मेकअप के लिए हमें काजल की जरूरत होती है. आयुर्वेद के अनुसार, काजल को बुरी नजर से दूर करने के लिए माना जाता है. और यह मानते हुए कि पुरानी पीढ़ियों में कुछ इसके उपयोग का आग्रह करते है. इसके अलावा, काजल भी बोल्ड और इंटेंस दिखने के लिए आंखों के मेकअप के … Read more

तुम्हारे बिना यह घर है ही कहां? –  मधु वशिष्ठ

             दरवाजा खोला और मानव अपने सोफे पर आकर धम्म से बैठ गया, सोफे की धूल ,फैले हुए कपड़े, चाय के बर्तनों से भरा हुआ सिंक। आज तो खाना मंगवाने का भी मन नहीं हुआ। शायद हल्का बुखार भी था। सर ज्यादा चकरा रहा था या विचार, कहा नहीं जा सकता।             सच कहते हैं हर चमकती … Read more

एक घर में दो बहनें? – कुमुद मोहन

“मम्मी! कहो तो अपने देवर समर के लिए नीता की बात चलाऊं?” रीता ने अपनी माँ उमा से पूछा? उमा- “देख लो तुम्हारी अम्मा जी के मिजाज तो सब जानते ही हैं| तुम्हें भी जब तब सुनाती रहती हैं, दोनों को सुनाएंगी तो और मुश्किल होगी| तुम जानती हो नीता किसी को जवाब नहीं देगी, … Read more

तुम्हारी जयाद्तिया अब और बर्दाश्त नहीं करूंगी! – मनीषा भरतिया 

ं संयुक्त परिवार में दादा दादी, चाचा चाची , मां पापा, सब के लाडं  प्यार में पली बड़ी होने के बावजूद शीला बहुत ही संस्कारी और सुलझी हुई लड़की थी।,’ बड़ों को मान और छोटो को प्यार देने में वह कभी नहीं चूकती थी।, पढ़ाई से लेकर बाकी सभी दूसरे कामों में निपुण थी।  ,’ … Read more

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