भाई – सुधा शर्मा

रात में कोई दरवाजा खटखटा रहा था। देखा छोटा खड़ा था। भडभडाते हुए अन्दर आकर बरस पड़ा,’ये क्या भाई  , मुझे इतना पराया कर दिया? खबर नहीं कर सकते थे? इतनी परेशानी मे हो और मुझे खबर नहीं  ?मुझे दूसरों से पता चला।” फूट फूट कर रोने लगा वह।  मैने उसे गले लगा लिया ।’मै … Read more

“भाई-भाभी और भरोसा” – कुमुद मोहन

“हलो! जीजी हो सके तो इस संडे आ जाना” रीमा के भाई विनय ने सुबह सुबह फोन पर कहा! रीमा–पर तेरे जीजा जी तो टूर पर गए हैं फिर कभी रख लें?” विनय—नहीं! संडे ही आ जाओ सीमा जीजी भी आ रही हैं! सीमा एक साल पहले विधवा हो गई थी अपने बेटे के साथ … Read more

भरोसा माॅ॑ का! – प्रियंका सक्सेना

“तुम्हें कुछ खबर भी है, कहां जाता है तुम्हारा बेटा?” रामेश्वर जी ने शांता जी से कहा ” अरे,आप क्यों परेशान हो रहे हैं। आता ही होगा। गया होगा किसी दोस्त से मिलने। अरे हाॅ॑! याद आया ग्रुप प्रोजेक्ट कर रहें हैं साथ में बच्चे।” शांता जी बोली ” समझा करो शांता। रोहन बड़ा हो … Read more

भरोसे लायक बहू – भगवती सक्सेना गौड़

पढ़ी लिखी इंजीनियर बहू आरती आयी थी, घर मे, सासु पूजा देवी, ठहरी गांव की दसवीं किसी तरह पास करी हुई। जब से शादी तय हुई, मन ही मन बहुत परेशान थी, अभी तो घर मे सिर्फ बेटा अक्षय और उसके बाबूजी ही अनादर करते थे। कुछ बात चल रही हो और अगर पूछ लें … Read more

 विश्वास की डोर –   बालेश्वर गुप्ता

  देखो,तुम्हारे भरोसे,तुमसे प्यार करके ही मैंने अपने परिवार से विद्रोह किया है।परिवार का एक सदस्य भी तो मेरे पक्ष में नहीं।रिश्तेदार तक यही समझाते हैं कि पगली प्रेम विवाह क्या कभी सफल हुए हैं?देख लेना कुछ ही दिनों में तू कहीं की नही रहेगी। अब तुम्ही बताओ इतनी बड़ी बड़ी बातें भला मैं क्या समझूँ?तुम्हीं … Read more

सौतेला प्यार – संजय मृदुल

अखबार में तस्वीर छपी देखी सुबह तो मन नही माना, इसलिये चला आया। इतने सालों बाद भी पहचान गए आप? उसने पूछा। तुम बदली कहाँ हो जरा भी। उम्र ने निशान जरूर छोड़े हैं पर आज भी वैसी ही हो तुम।     लगभग बीस साल हो गए घर छोड़े हुए। तुमने तो सारे रिश्ते ही तोड़ … Read more

आंसू –  कीर्ति रश्मि “नन्द

 “ऑनलाइन राखी भेज दो अपने भाई को” प्रकाश जी ने रचना को समझाते हुए कहा। इसकी कोई जरूरत नहीं है जब इतने सालों से नहीं भेज रही हूं तो अब कैसे …” कहते कहते रचना की आंखे भर आई गला रूंध गया।          उसकी आंखों के सामने उसके छोटे भाई की छवि घूमने लगी… उसके जन्म … Read more

सासू माँ, देवरानी पर तो अभी बच्चों की जिम्मेदारी भी नहीं…  – चेतना अग्रवाल

“मम्मी जी, बच्चों के स्कूल में गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो गई हैं, परसों वट-सावित्री व्रत पर मायके से भाई आयेगा तो मैं सोच रही थी कि उसके साथ मायके चली जाऊँ। 10-15 दिन रहकर आ जाऊँगी।” मुस्कान ने मीता जी का मन टटोलने की कोशिश की। “बड़ी बहू, ये छोटी बहू का पहला वट-सावित्री … Read more

आपकी बेटी अब मेरी बेटी है – किरण विश्वकर्मा 

आभा को आज लड़के वाले देखने आ रहे है आभा देखने में जितनी सुन्दर है उतनी ही स्वभाव से भी अच्छी।सबकी जुबां पर आभा का ही नाम रहता। निखिल ने जैसे ही आभा को देखा तो शादी के लिए तुरन्त हाँ कह दी।निखिल अपने मां-बाप की इकलौती संतान है।आभा भी बहुत खुश होती है और … Read more

मैं प्रेम की दीवानी हूँ – मनप्रीत मखीजा

सूरज की किरणें झिलमिल के चेहरे पर पड़ रही थीं। कमरे की बालकनी में योगासन करता हुआ झिलमिल का पति प्रेम, झिलमिल को निहारने लगा। इन चमकीली किरणों ने जब झिलमिल के चेहरे को छुआ तो मानो कोई सोना चमक रहा हो। गोरा रंग, घनी पलकों वाली बड़ी बड़ी आँखें और लाल सुर्ख होंठ झिलमिल … Read more

error: Content is protected !!