जरूर कोई-ना-कोई बात है..?? – पूनम गुप्ता

रिश्तों में छोटी-छोटी बात कब कभी-कभी बड़ा रूप ले लेगा कुछ समझ नही आता,कई बार ऐसा देखा गया है..अच्छा-खासा रिश्ता एक पल में टूट कर बिखरने लगते है..जो हम कभी नहीं सोचते वह हो जाता है,, जिसका कारण कुछ नहीं” बस कुछ छोटी- मोटी बात होती,, जो बड़ा बनकर रिश्ते को बिगाड़ने की कगार पर … Read more

गुरु दक्षिणा – ऋतु अग्रवाल 

  आज दिवाकर जी बहुत खुश हैं। उनकी बिटिया आज अपने पति के साथ उनके पास छुट्टियाँ बिताने हेतु आ रही है। उनकी बिटिया पूजा के विवाह को एक वर्ष होने आया है। इस अंतराल में पूजा बिटिया दो-तीन बार अपने मायके रहने आ चुकी है परंतु दामाद जी सदैव दो-चार घंटों के लिए आते और … Read more

मां बिन मायका क्यों सूना लगे•••• – अमिता कुचया

शालिनी मां के गुजरने के बाद मायके आती है, तब एकदम चौंकते हुए भाभी मंजरी बोलती है- अरे दीदी आप अचानक आ गई!!! तब शालिनी ने कहा –   भाभी मैं क्या यहां बिना बताए नहीं आ सकती हूं, मेरा भी घर है फिर शालिनी ने कहा -भाभी मुझे मां की बहुत याद आ रही … Read more

भरोसा सास का – कुमुद मोहन

“जाओ बेटा आज से तुम्हारे जीवन की नई शुरुआत है!खूब खुश रहो”कहते कहते शीला ने अपनी दुल्हन बन विदा होती बेटी चारू का माथा चूम उसे गले से लगा लिया!चारू ने मां को घबराकर ऐसे कसकर पकड़ा मानो कभी छोड़ेगी नहीं! शीला और रतन की इकलौती बेटी चारू विदा होकर श्यामल के घर जा रही … Read more

सुख के दिन – निभा राजीव “निर्वी”

सुनिधि के घर में उत्सव का सा माहौल था। सुनिधि और उसके सास ससुर फूले नहीं समा रहे थे। आज ही यूपीएससी का परीक्षा फल घोषित हुआ था। सुनिधि के एकमात्र पुत्र नितिन ने सफलता के परचम लहरा दिए थे। सुनिधि के ससुर ने पूरे मोहल्ले को दावत दे डाली और सारा प्रबंध उनकी देखरेख … Read more

औरत का औरत पर भरोसा…!! – मीनू झा

कैसी औरत है ये दुकान वाली विनय..इसकी दुकान पर बैठकर दिन भर मनचले आती जाती लड़कियों पर फब्तियां कसते रहते हैं और उन्हें मना करना,डांटना फटकारना तो दूर ये भी टुकुर टुकुर देखती और मजे लेती रहती है। नेहा उसकी भी मजबूरी तो समझो,बेचारी का पति पहले चाय पान की दुकान चलाता था..उसका जबसे एक्सीडेंट … Read more

अभी देर नहीं हुई – अनिता गुप्ता

” अरे यार ! अगर तुमने भी जॉब ज्वॉइन कर ली होती तो आज तुम भी मेरी तरह प्रिंसीपल होती।” सुनिता ने अपनी बचपन की सहेली सीमा से कहा। ” हां यार ! मुझको भी कभी – कभी बहुत दुख होता है, जॉब नहीं करने का। आरपीएससी में चयन होने के बाद भी जॉब नहीं … Read more

प्यारा सा बन्धन — डा. मधु आंधीवाल

रमा आज बहुत खुश थी कल उसकी मनु की शादी है । ऐसा लग रहा है शायद कभी और किसी की शादी ही ना हुई पहले कभी । रमा बीते दिनों की यादों में खो गयी । जब वह इस हथेली में शादी होकर आई तब बहुत रौनक थी । सास ,जमींदार ससुर , दो … Read more

मैंने अपनों पर कितना भरोसा किया था – के कामेश्वरी

माधवी ऑफिस जा रही थी। उसी समय देवरानी ने फ़ोन किया था कि दीदी आज आप ऑफिस मत जाइए शायद मुझे अस्पताल जाना पड़ेगा।उसका नवाँ महीना चल रहा था इसलिए वह माधवी को अपने साथ अस्पताल चलने को कह रही थी । उधर से देवरानी की आवाज़ सुनाई दी आप मेरे साथ चल रही हैं … Read more

भरोसा खुद पर – गोमती सिंह 

—–आज रीना ससुराल में  पूरे एक महीना दस दिन ब्यतीत करके पहली बार मायका आ रही थी।  माँ की धड़कन तेज़ तेज़ गति से चल रहा था। पता नहीं रीना का ससुराल का पहला अनुभव कैसा होगा ! वह अच्छी तरह से जांच परख कर रिश्ता तय की थी । मगर माँ जब बेटी को … Read more

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