भतीजे की शादी – कुमुद चतुर्वेदी

 आज कमला बुआ का दिल बल्लियों उछल रहा था,जबसे उन्होंने भतीजे की शादी का निमंत्रण पत्र पढ़ा था। डाक से आया निमंत्रण पत्र उनकी बहू जूही जब से उनको देकर गई है तब से अपने हाथों में लेकर प्यार से जाने कितनी ही बार सहलाकर चूम चुकी हैं।उनको लगता है पत्र की जगह उसका नन्हाँ … Read more

खुन्नस – प्रियंका मुदगिल

स्मिता एक चुलबुली और मस्त मौला लड़की थी। छल कपट से एकदम दूर अपनी ही दुनिया में रहने वाली….. बड़े-बड़े सपने थे उसके… पर छोटी छोटी चीजों से ही खुश हो जाती थी । उसका परिवार भी बहुत खुले विचारों वाला था। स्मिता घर की बड़ी बेटी थी। जो कि आप अपनी पढ़ाई पूरी करके … Read more

झूठ और धोखे की बुनियाद पर रिश्ते कैसे संभव – अमिता कुचया

मुझे आज भी लगता है  लोग अपनी बेटी को इतना भार क्यों मानते हैं। यदि कोई बेटी बीमार हैं तो उसका पूरी तरह इलाज कराना चाहिए न कि उसकी बिना बताए शादी करके उससे पीछा छुड़ाने की कोशिश करना  चाहिए। पर कितने पढ़ लिख जाओ पर सोच नहीं बदली तो क्या? इस लिए कहा गया … Read more

दृढ़ निश्चय का सवेरा – आरती झा आद्या

आज से मैंने तुम्हें अपने मातृत्व से बेदखल किया.. चीख कर अनिकेत से बोली थी माया … और अपनी बहू गरिमा को लेकर अपने रूम में आ गई थी…उधर उमेश जी बेटे के करतूत पर शर्मिंदा से बैठे थे..अपनी गलतियों को याद करते हुए।   एक सवाल अंदर कमरे में माया जी को परेशान किए हुए … Read more

किटी पार्टी – अंतरा

“आज फिर तुम्हारी मां सजधज कर तैयार हो गई किटी पार्टी में जाने के लिए।  मैंने तुमसे पहले भी कहा था उनको रोकने के लिए। यह कोई तरीका है इस उम्र में किटी पार्टी मनाने का…. लोग क्या कहेंगे…. भजन करने की उम्र में पत्ते खेलने का शौक चढ़ा है। तुम कुछ कहते क्यों नहीं … Read more

जिंदगी गुलजार हो गई – विजया डालमिया

देखो मैंने देखा है ये एक सपना फूलों के शहर में हो घर अपना …….यह गाना सुनते सुनते मैं पुरानी यादों में खो सी गई। हमारा छोटा सा गाँव ,जहाँ जब मैं शादी होकर आई तो मुझे लगा जैसे सच में मैं हरी-भरी वादियों से गुजर रही हूं ।चारों तरफ रंग बिरंगे फूल ।हरियाली ही … Read more

‘ मैंने तो भरोसा किया था किन्तु आपने… ‘ – विभा गुप्ता 

   ” आई एम साॅरी दिनेश, सुशीला जी ठीक हैं लेकिन मैं आपके बच्चे को नहीं बचा सका।” डाॅक्टर ने कहा तो दिनेश ने किसी तरह से खुद को संभाला।शादी के पाँच बरस बाद उसकी पत्नी को मातृत्व-सुख मिला भी तो क्षणिक। अब वह उससे क्या कहेगा,कैसे कहेगा, वह  समझ नहीं पा रहा था।किसी तरह से … Read more

जब भरोसा टूटता है तो बहुत दर्द होता है। – सविता गोयल 

” सुनिए जी, आप गुस्सा थूक दीजिये.. नवीन अब बड़ा हो रहा है ..। जवान बेटे पर इतना गुस्सा करना सही नहीं है। कल को वो आवेश में आकर कोई गलत कदम ना उठा ले  …। ,, “तो क्या.. अब मुझे अपनी औलाद से भी डर कर रहना पड़ेगा !! आने दो आज उसे घर  … Read more

पिंजरे की मैना ! – रमेश चंद्र शर्मा

” तुम्हें हमारी परंपरा रीति रिवाज का थोड़ा भी ज्ञान नहीं है। शर्म करो अपने हाथों से बेटी का कन्यादान करना चाहती हो। हमारा समाज और रिश्तेदार क्या कहेंगे”?  विधवा रजनी को उसके जेठ महेश डांटते हुए बोले। महेश चाहते थे बेटी का कन्यादान उनके हाथों से हो ।महेश की पत्नी 3 साल पहले सड़क … Read more

भरोसा – दीपा माथुर

राधा चौक में दरी बिछाए कपड़े तह करती हुई बडबडा रही थी। धूप जाने का समय हो गया घड़ी भर कमर आड़ी की हो तो ? और ऑफिस और स्कूल से आते ही सब ऐसे रॉब मारेंगे जैसे बहुत आराम फरमा रही थी। ” मम्मी नाश्ता दो मुझे खेलने जाना है।” विपिन ( बड़ा बेटा) … Read more

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