कुछ तो लोग कहेंगे – ज्योति आहूजा

रसोई से आती हल्दी और मसालों की खुशबू के बीच संध्या बरसों से अपने दिन की शुरुआत करती रही। सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, बच्चों की पढ़ाई से लेकर पति अमित की जिम्मेदारियों तक, उसने अपनी पूरी ज़िंदगी घर और परिवार में समर्पित कर दी। अमित इंदौर में एक अच्छी नौकरी … Read more

विश्वासघात – उमा वर्मा

अजी सुनती हो,शोभा का रिश्ता तय करके आया हूँ “राघव जी ने पसीना पोछते हुए अपनी पत्नी गीता को पुकार कर कहा ।”कहाँ तय कर दिया? कुछ बताया भी नहीं “गीता अचानक खुशी से अकबका गई ।”अरे वो शुक्ला जी हैं न, रामपुर वाले,उन्ही का बेटा है श्याम उसी से बिना लेनदेन के बात पक्की … Read more

ये गवार औरत मेरी मां है। – दीपा माथुर

शाम का वक्त था। बड़े-बड़े झूमर जल उठे थे और घर में हर ओर हलचल थी। कीर्ति इधर-उधर दौड़ रही थी, कभी किचन में जाती, कभी हॉल में सजावट देखती। गुब्बारे, रंग-बिरंगे पर्दे, फूलों की खुशबू और तरह-तरह के पकवान—सबकुछ मिलकर घर को एक महफ़िल बना रहे थे। आज विभु का जन्मदिन था। उसकी कामयाबी … Read more

यह गंवार औरत मेरी मां है – सीमा सिंघी

अरे मनीष बस दो मिनट और रुक जाओ । मैंने तुम्हारे लिए तुम्हारी ही पसंद के मेथी के पराठे और आलू की सब्जी बनाई है । मुझे आज थोड़ी देर हो गई इसीलिए मैंने अभी तो तुम्हें दही पराठे खिला दिए, मगर अब सब्जी भी लगभग बनकर तैयार हो गई है ।  इसे मैं अभी … Read more

ये गंवार औरत ,मेरी माँ है- लक्ष्मी त्यागी

गौरव बड़े परिश्रम से पढ़ता था, ताकि वह अपनी माँ की उम्मीदों पर खरा उतर सके,उनके अरमानों को पूर्ण कर सके ,उसकी माँ बड़े परिश्रम से और लोगों से ऋण लेकर, उसे पढ़ा -लिखा रही थीं। गौरव के पिता एक अच्छी कम्पनी में  कार्यरत थे ,उनके घर में खूब खुशियां और शांति थी। उन्हीं दिनों … Read more

मानवता – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

आज कई वर्षों के बाद शोभित अपने गांव वापस आया। बी-टेक करने के बाद बैंगलोर में एक कंपनी में जॉब लग जाने के बाद से ही वह बैंगलोर में ही था।बस से उतरकर वह गांव  जाने के लिए टैक्सी का इंतजार करने लगा। कुछ देर बाद टैक्सी उसके पास आकर खड़ी हो गई।अरे शोभित भइया … Read more

आंखों में धूल झोंकना – खुशी : Moral Stories in Hindi

ये कहानी नहीं एक सच्ची घटना है जो मैं आप लोगों के साथ साझा कर रही हूं।कहानी के माध्यम से अनिल जी का अपना व्यापार था वो तेल ,गुलाब जल और पेट्रोलियम जेली बनाते थे।उनका कारोबार बहुत अच्छा चल रहा था।दिल्ली के ख।री बावली वो जाते थे अपना सामान खरीदने वही पास की मार्केट में … Read more

आंख में धूल झोंकना – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

अरे अंजना बड़े बेटे की शादी न करके छोटे की कर रही है । पहले बड़े बेटे की शादी करनी चाहिए फिर छोटे की। तभी पास खड़ी रेखा जी ने चुटकी ली,अरे क्या बड़े बेटे की शादी होगी वो कुछ करता धरता है नहीं ,और पता नहीं क्या पढ़ाई की है बस इधर उधर फालतू … Read more

आंखों में धूल झोंकना – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

पापा.. मुझे शहर में नौकरी मिल गई है पूरे ₹30000 देंगे, अब देखना मैं अपने घर की गरीबी को कितनी जल्दी दूर करती हूं और 1 साल के बाद में जब मेरी जॉब स्थाई हो जाएगी मैं आपको भी वही बुला लूंगी! बेटी पल्लवी की बात सुनकर पिता किशोर बहुत प्रसन्न हुए उन्हें लगा चलो … Read more

यह गंवार औरत मेरी मां है। – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

      पापा मेरे स्कूल के सारे बच्चों ने स्पाइडर-मैन देख ली है, इस इतवार को हम भी पिक्चर देखने जाएंगे, राहुल  लाड करते हुए पापा से बोला। हां बहुत दिन हो गए, मुझे भी बहुत सा सामान खरीदना है, चलो मैं भी वहां माल के स्टोर से ही कुछ सामान भी खरीद लूंगी, नित्या ने कहा। … Read more

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