जीना इसी का नाम है – कुमुद मोहन
बड़े दिनों बराबर वाला फ्लैट खाली पड़ा था। मधु और सुरेश जी अकेले रहते। बच्चे दोनों बाहर थे कभी-कभार ही आ पाते। मधु का मन था कोई ढंग उनकी हमउम्र का आ जाए तो थोड़ी कंपनी मिल जाए। फिर एक दिन जैसे भगवान ने उसकी सुन ली। सामने खड़ा ट्रक देखा जिसमें से सामान उतर … Read more