“बुढ़ापा भी धूप छांव से कम नहीं होता ”  – अमिता कुचया 

एक दमयंती जी जिनका घर में जो दबदबा रहा है उसे देखते ही बनता था।उनकी बुलंद आवाज ही काफी थी।वे धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी। वो दूरदर्शी होने के साथ सत्यनिष्ठ थी। उनसे झूठ बर्दाश्त नहीं होता था।पर कहते हैं किस्मत के लिखे को कौन बदल पाया। उनके घर में दो बहू बेटे हैं उनका … Read more

मैं अछूत नहीं हूँ… – संगीता त्रिपाठी

“क्या बात है रोहन…काव्या अभी तक उठी नहीं “वन्दना जी ने बेटे रोहन से पूछा।   “माँ उठ तो गई है पर उसकी तबियत ठीक नहीं है,”रोहन बोला “अरे क्या हो गया हमारी बहू रानी को.. देखूं जरा “कहते हुये वन्दना जी रोहन के बैडरूम में चली गई। काव्या के सर पर हाथ फेरते बोली “काव्या … Read more

परिवार –   मधु वशिष्ठ

    जब-जब भी स्कूल की छुट्टी होती थी हम सब का गांव में जाना अनिवार्य होता था। गांव में हमारी ताई जी और उनके 5 बच्चे, हम दो  भाई बहन,मम्मी और चाचा जी और चाची जी भी अपनी छोटी सी बेटी( हमारी चचेरीबहन) निक्की को लेकर वहीं मिला करते थे। दादी जी बाहर के गेट पर … Read more

मेरा घर खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए – दीपा माथुर

सुनो दीदी कि शादी है,मुझे नए लहंगा चुन्नी  चाहिए। अरे अभी तो अपनी शादी को छ महीने ही हुए है,आपके पास तो बहुत सारी ड्रेसेज नई नई ही है । तो क्या? दीदी की शादी रोज़ थोड़ी ना होंगी।फिर मम्मी को भी तो अपनी तरफ से मुझे कपड़े दिलाने पड़ेंगे।आखिर एक इकलौती बहू हूं। तुम्हे … Read more

अब आप को मेरा बड़ा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा…. – भाविनी केतन उपाध्याय 

” मम्मा, ये सब ट्रेक्शन और डिवीजन नंबर समझ में नहीं आ रहा … समझा दो ना…” सात साल के जय ने अपनी मां अदिति को कहा । अदिति का पूरा ध्यान अपने लैपटॉप में ही है सो उसने जय की ओर ध्यान नहीं दिया। जय ने दूसरी बार भी अपनी नोटबुक में देखते हुए … Read more

नौका-दुर्घटना –  मुकुन्द लाल 

  जयमंती के घर में ऐसा लग रहा था मानों लोगों को खुशियों का खजाना हाथ लग गया हो। घर का माहौल उमंग-उत्साह से लबरेज था।   उस घर में शादी की लगभग सारी तैयारियाँ पूरी हो चुकी थी। पूजा-भंडार से सारी सामग्रियांँ आ चुकी थी। पड़ोस के दो लड़के आम के पत्ते और हरी दूब लाने … Read more

चिर स्वाभिमानी बेटी – प्रियंका सक्सेना

“अम्मा, मैं जा रही हूं पीछे से खाना खा लेना। मेरी चिंता मत करना मैं दोपहर में समय से आ जाऊंगी।” सुधा ने अम्मा से कहा “बिटिया, तुमने नाश्ता कर लिया?” अम्मा ने विद्यालय जाती सुधा से पूछा “अम्मा, इंटरवल में कैंटीन से कुछ मंगा लूंगी। अभी देर हो जाएगी फिर प्रिंसिपल सर की डांट … Read more

परिवर्तन – मधु शुक्ला

सीमा की ननद 10 साल बाद आ रहीं थीं। उनके कानूनी स्वभाव के कारण वह उनसे दूर-दूर ही रहती थी। जब तक सासू माँ थीं तब तक तो चल गया दूर रहना। लेकिन उनके गुजरने के बाद तो वह ऐसा नहीं कर सकती थी। इसलिये भगवान से  प्रार्थना कर रही थी। “हे प्रभो दीदी के … Read more

शादी-ब्याह में अगुआई मां भी कर सकती है – डॉ उर्मिला शर्मा

फोन की रिंगटोन बजी तो अनामिका ने देखा उसकी कजन अलका दीदी का फोन था। “नमस्ते दी!…कहिए कैसी है?”- उसने पूछा “सब ठीक है…. एक बात बतानी थी तुम्हें। मेरे बेटे के रिश्ते का साला अमेरिका में इंजीनियर है। आई. आईटीयन है। अपनी आलेख्या के लिए कैसा रहेगा?” “सुनने में तो बहुत अच्छा लग रहा … Read more

सिक्कों का वजन रिश्तों से ज्यादा होता है – सोनिया कुशवाहा 

संस्कारी बेटियां ही संस्कारी बहु बनती हैं। जितना और जैसा अनुभव मायके में मिलता है वही लड़की के लिए उसके ससुराल के लिए सीख होती है। रिश्तों की कोई पाठशाला तो होती नहीं है कि आप अच्छी बहु या बेटी बनने का कोर्स कर लें और बन जाए परफेक्ट बहू। ऐसे ही अपने अच्छे और … Read more

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