चाहत नहीं महज आकर्षण !! – मीनू झा 

कितनी बदल गई है तू शिब्बू,तेरा नाम शिवानी से बदल कर सेठानी रख देती हूंँ,कुछ करती नहीं क्या अपने लिए-मनीषा एक लंबे समय बाद अपनी बेस्ट फ्रेंड शिवानी से मिली थी,स्कुल की ये दोस्ती अब प्रौढ़ावस्था की ओर बढ़ चली थी,पर मानो मिलते ही दोनों का बचपना लौट आया था। क्या नहीं करती बोल,पर पति … Read more

मेरी चाहत – के कामेश्वरी

बहुत पुरानी बात थी जब कौशल्या शादी करके नई बहू बनकर विशाखापटटनम आई थी। उसने देखा ससुराल में कई रिश्तेदारों के बच्चे अमेरिका में रहते थे उनके माता-पिता अपने बच्चों के बारे में बताया करते थे। सब लोग उनकी बातों को ध्यान से सुनते थे और अपने बच्चों को बताया करते थे कि तुम्हें भी … Read more

तेरा इंतजार करते हैं – किरन विश्वकर्मा

तेरी उम्मीद तेरा इंतजार करते हैं…. ऐ सनम हम तो सिर्फ तुमसे प्यार करते हैं…….. गाना धीमे-धीमे स्वर में बज रहा था…. राहुल दीवार से टेक लगाये हुए बैठा था। घर में सबसे ऊपर का कमरा और सामने बरामदा खूब हरियाली से भरा हुआ…. ऑफिस से आकर वह सीधे छत पर ही आ जाता और … Read more

* मोक्ष* – मधु शुक्ला

गोविंद जी को दो होनहार बेटे दिये थे ईश्वर ने। और पत्नी साधना के रूप में साक्षात लक्ष्मी उसके घर में निवास कर रहीं थीं। बच्चों को उत्तम संस्कार, और शिक्षा साधना के ही प्रयासों का फल था। शिक्षक की नौकरी और घर दोनों को साधना ने बहुत अच्छे से संचालित किया था। गोविंद तो … Read more

क्या बेटी की शादी उसे आत्मनिर्भर बनाने से ज्यादा जरूरी है ?” – दीपा माथुर

अरे मेरी बात मेरे ही घर वाले नही समझेंगे तो कोन समझेगा। अवनि मम्मी को समझाते हुए बोली। मम्मी ने पहले तो अपने माथे पर जोर से अपना हाथ रखा फिर  बोली ” दिया था ना तुम्हे मौका फिर क्या हुआ ? हर काम समय पर ही अच्छा लगता है। अब मुझसे तो बहस करो … Read more

हमें और जीने की चाहत ना होती अगर तुम ……. मीनाक्षी सिंह 

समीरा जी – बहू ,अब तो तुम्हारे ब्याह को 6 वर्ष हो गए अब तो एक नन्हा मुन्ना दे दो हमें जो घर आंगन में घूमे और हमें दादा दादी बोले ! बहुत मन होता हैँ अपने पोते ,पोती को खिलाने का ! समीरा जी चहकती  हुई बोली !  शालू (समीरा जी की बहू ) … Read more

लघुसंगिनी”  एक बूंद चाहत – रीमा महेंद्र ठाकुर

मम्मी जी “” मम्मी जी”””  अवन्तिका  के कानो में मधुर स्वर सुनायी दिया “” अवन्तिका ने आंखे खोलने की कोशिश की “” पर ताप की अधिकता के कारण आंखे न खोल सकी “ अवन्तिका “”” कौन””  कोमल हाथो ने उसके माथे को स्पर्श किया ”  उस छुअन में कुछ नये अहसास की अनुभूति हुई”” अरे … Read more

पंगु – मंगला श्रीवास्तव

राघव आज एक बड़ी कम्पनी सिप्ला में इंटरव्यू देने जा रहा था। माँ मैं जा रहा हूँ, कहकर पैर छुए फिर पिता जिनको पेरेलिसिस था उनके बिस्तर के पास आकर उनके भी पैर छूकर बाहर निकल आया था।आज उसको इस जॉब की बहुत जरूरत थी। राघव ने कभी नही सोचा था कि  कभी जो खुद … Read more

“छोटी बुआ” – सेतु कुमार 

रक्षाबंधन  का त्यौहार पास  आते  ही मुझे सबसे  ज्यादा  जमशेदपुर वाली  बुआ जी की  राखी  के  कूरियर का इन्तेज़ार रहता था. कितना बड़ा  पार्सल   भेजती  थी   बुआ जी. तरह-तरह के विदेशी ब्रांड वाले चॉकलेट,गेम्स, मेरे लिए कलर फूल ड्रेस , मम्मी के लिए साड़ी, पापाजी के लिए कोई ब्रांडेड शर्ट. इस बार भी … Read more

तलाश (भाग 2) –  अंतरा 

अभी तक आपने पढ़ा कि रोहिणी  एक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर है और अपनी सहेलियों के साथ पहाड़ों पर ट्रिप पर आई हुई है लेकिन उसका असली मकसद कुछ और ही है और वह किसी विशेष जंगल की तलाश कर रही है..  अब पढ़ते हैं आगे…. गाड़ी जब एक झटके से रुकी तो रोहिणी को एहसास हुआ … Read more

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