चाहत -मुझे सोने का पिंजरा नहीं बल्कि मेरे सपने को पंख चाहिए •••• – अमिता कुचया

रोली को  देखने लड़के वाले आने वाले थे।घर में बहुत सारी तैयारियां चल रही थी ।घर में लड़के वाले के सामने कोई कमी नहीं होना चाहिए । रोली की मां ने कहा••• इतना सुनते ही पापा बोलने लगे – “हां- हां ये रिश्ता तो हो ही जाएगा। हम लड़के वालों की खातिरदारी में कोई कसर … Read more

मुझ पर झूठा इल्जाम मत लगा…. – भाविनी केतन उपाध्याय

” सुधा, तुम्हारी चेहरे की स्किन इतनी चमक रही है जैसे जवानों को होती है….. चेहरा भी खुशी से दमकता रहता है… हर वक्त इतनी खुश इतना मैइंटैन कैसे रखती है अपने आप को ? मुझे देखो मैं भी तुम्हारी अड़सठ साल की ही हूॅं…. पर ना चेहरे पर खुशी या ना ही कोई रौनक…. … Read more

जीने की चाहत  – अनीता चेची

‘गौरी जल्दी करो 5:00 बज गए, मंदिर पर फिर भीड़ लग जाएगी और हमें स्कूल जाने में दूर हो जाएगी।’ ‘ आती हूॅं बाबा मंजू तुम भी शोर मचा देती हो,  एक घंटे में हम घर वापस आकर स्कूल पहुॅंच जाएंगे  भोलेनाथ पर सबसे पहले जल मैं ही चढ़ाऊॅंगी   ,जरा धीरे बोल पिताजी ने … Read more

 ये कैसी चाहत – गुरविंदर टूटेजा

तान्या बेटा हम तुम्हारी भलाई के लिए ही बोल रहें हैं…तुम्हें समझ क्यूँ नहीं आ रहा वो लड़का तुम्हारे लिए सही नहीं हैं…मैंने दुनिया देखी हैं मेरा तजुर्बा ये कहता हैं कि वो तुम्हारा साथ नहीं देगा…!!!! पापा प्लीज़ आप मेरी बात मानियें वो मुझे बहुत चाहता हैं कभी मेरे साथ गलत नहीं करेगा…पापा आप … Read more

दिसंबर का वो आखिरी दिन…. – रूचिका राणा

अपने ऑफिस में बैठा सुबह से ही फाइलों में उलझा हुआ था कि तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज हुई और चपरासी ने आकर बताया कि बाहर कोई मेरा इंतजार कर रहा है। कहीं ना कहीं मैं जानता था कि कौन होगा लेकिन फिर भी यह जानने को उत्सुक था कि कौन होगा।     मैं तेज कदमों … Read more

* बंधनमुक्ति* – नीरजा नामदेव

      मयूरा जैसा नाम वैसी ही अप्रतिम नैसर्गिक सुन्दरता प्रदान की थी ईश्वर ने। उसे प्रकृति से बहुत गहरा लगाव था ।नदी , झरने, पहाड़, पेड़ों को  निहारना उसे बहुत ही अच्छा लगता था । समय आने पर उसका विवाह एक सरकारी अफसर मिलिंद से हुआ जिसका मूल स्थान पहाड़ों पर बसे एक गांव में  था … Read more

तलाश (अंतिम भाग ) (भाग 3 ) – अंतरा

अब तक आपने पढ़ा कि ..बाबा रोहिणी को तपोवन के बारे में बताते हैं जिसे वह ढूंढते हुए पहाड़ों पर आई थी  और रोहणी अब तपोवन की तलाश में चल पड़ी है.. तो आइए पढ़ते हैं अब आगे… रोहिणी बड़ी ही उत्सुकता से तपोवन को ढूंढ रही थी। चारों ओर बड़े बड़े पेड़ों और  झुरमुटों … Read more

चाहतें जो हुई पूरी – सीमा वर्मा  

” चाहत में आनंद है। आनंद  ही जीवन है।  जीवन आनंद के बिना मृत है।  “ उम्र के इस सुहाने पड़ाव में दिल की धड़कन के हर सांस में यही जपती हुई मैं अपने  “सर सुशोभित जी ” को दिल से धन्यवाद देती हूं। मैं  पहले क्या थी ? एक साधारण से कॉलेज की अति … Read more

सत्ता की चाहत – कमलेश राणा

 जमींदार सज्जन सिंह बहुत ही नेक इंसान थे उनके न्याय और दयालुता के चर्चे दूर दूर तक थे। हर तरह का सुख उनके जीवन में था पर कहते हैं न कि ईश्वर कोई न कोई कमी हर इंसान के जीवन में छोड़ देता है ताकि वह गुरूर में अंधा न हो जाये।  उनके जीवन में … Read more

चाहत – अमिता गुप्ता “नव्या

मां… मां…आज क्या है? अरे सोनू, मैं तो बताना ही भूल गई,जा जल्दी से नहा धोकर तैयार हो जा,अभी पूजा में बैठना है। मां,”लेकिन बताओ तो सही आज है क्या?” आज तुम्हारे दादा जी की बरसी है। अच्छा मां, मैं जल्दी से तैयार हो कर आता हूं,और दादी को भी साथ लाता हूं। शीला को … Read more

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