यह कैसा अन्याय! – गीता चौबे “गूँज”
युद्ध की भयावहता सिर्फ मैदाने जंग में ही नहीं होती, वरन् आम जीवन में भी जिंदगी और मौत के संघर्ष में जब मौत का पलड़ा भारी होने लगे और आँखों के सामने जिंदगी की साँसें थमने लगे तो मौत की अनुभूति का खौफ किसी युद्ध से कम नहीं होता। अंतिम परिणति मौत का … Read more