ये कैसी जिम्मेदारी है… – संगीता त्रिपाठी
“जिम्मेदारी..”ये शब्द अपने में अनेक भार लिये हुये है, कुछ हँस कर निभाते है कुछ मज़बूरी में निभाते है..। किसी को समय पर जिम्मेदारी मिलती है तो किसी को असमय….। जिम्मेदारी से मुझे अपने पड़ोस में रहने वाली सुषमा दीदी याद आ गई…। एक सुबह जब मेरी ऑंखें खुली तो सामने के घर में ट्रक … Read more