” माँ ने जब बेटे के दर्द एवं दुःख को उसका हौसला बना दिया !” – ज्योति आहूजा
गर्वित स्कूल से घर वापस आते ही बहुत उदास होता है। उसे उदास देखकर घर के सभी लोग उसे पूछने लगते हैं “क्या हुआ बेटा? बताओ तो सही। बहुत उदास नजर आ रहे हो।” तभी गर्वित कहता है आप सबको पता है! थोड़े दिनों के बाद हमारे स्कूल में स्पोर्ट्स कंपटीशन (खेल प्रतियोगिता) रखा गया … Read more