दर्द और उपहार – बीना शुक्ला अवस्थी

करोना की दूसरी लहर पहली से अधिक भयावह है लेकिन आज अभिलाषा बहुत प्रसन्न है। आज उसे दोहरी खुशी मिली है। पहली – चौदह दिन आइसोलेशन में रहने बाद आज उसकी करोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। दूसरी – आज उसने करोना का दर्द सहकर एक वर्ष पूर्व खोई हुई अपनी बेटी मेधावी को फिर से … Read more

अनकहा दर्द — विभा गुप्ता

” देख छोटी, तू अंश के सामने अपनी मनहूस सकल लेकर मत आ जाना।पूरे दो बरस बाद मेरा लाल आ रहा है, तेरा क्या भरोसा, कहीं टोटका-मंतर कर…” जेठानी सुमित्रा के तीखे शब्द और आग उगलने वाली नज़रें जानकी अब बर्दाश्त नहीं कर पाई और अपने कमरे के सूनी पलंग पर जाकर फूट-फूटकर रोने लगी। … Read more

सशक्त निर्णय –  डा. मधु आंधीवाल 

ये भी इन्टर नैट की क्या दुनिया है। पता ही नहीं चलता कब किस का मित्रता का निमंन्त्रण आ जाये । मनु सोच रही थी । वह तो बहुत सोच समझ कर मित्रता सूची में जोड़ती थी पर ये प्रतुल कब और कैसे उसके साथ जुड़ गया । एक रात वह अपना लैपटॉप बन्द ही … Read more

“मेरौ दरद न जानै कोय” – कुमुद चतुर्वेदी

“क्या बात है तनु आज तुम बहुत उदास लग रही हो,ऐसा लग रहा मानो रात भर सोई नहीं आँखें भी लाल और पनीली दिख रही हैं”सुनते ही तनु फफक कर रो पड़ी मानो उफनती नदी का पानी बाँध तोड़ बह निकला हो।यह देख मौली पहले तो घबरा ही गई फिर कुछ सोचकर उसने तनु को … Read more

एक पत्नी का दर्द(काश मेरी आंखे फूट जाती) – सपना शर्मा काव्या

माया और महेंद्र दोनो पति पत्नी थे।माया उस दिन भी रोज की तरह सुबह से  उठकर जल्दी- जल्दी अपने घर का काम निपटा रही थी।    माया सीधे-सरल स्वभाव की बिल्कुल अनपढ़ महिला थी।और उसका पति महेंद्र भी अनपढ़ था । महेंद्र अपने बीवी और बच्चों से प्यार करने वाला और मेहनती आदमी था, वह सब्जी … Read more

मर्द को भी दर्द होता है  – संगीता अग्रवाल 

” पापा ये दीदी इतना क्यो रो रही हैं?” पांच साल की अनिशा मोहल्ले की एक शादी में विदाई के समय अपने पिता आदर्श से बोली। ” बेटा दीदी की विदाई हो रही है इसलिए रो रही हैं !” आदर्श ने बेटी को गोद में उठाते हुए कहा। ” पर दीदी को तो इतने सुन्दर … Read more

 पापा को अब अलग कमरे की क्या जरूरत हैं!! – मनीषा भरतीया

आज सुजाता जी को गए हुए 12 दिन भी नहीं हुए थे…… घर में शोक का माहौल चल रहा था……. ” तभी उनकी दोनों बहूंए  पिंकी और पूजा अपने अपने पतियों  अजय और विजय से कह रही थी…. ” अब तो मम्मी जी रही नहीं पापा जी को अलग कमरे की क्या जरूरत है….. वैसे … Read more

मां का दर्द – प्रीती वर्मा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : बहु,,वो बहु!कहां चली गई! अवनी की सास निर्मला जी ने छत से आवाज लगाई! हां मां जी!अवनी बहु ये टेबल जरा पकड़ लेना!निर्मला मां जी रेहान मेरे गोद में लेटा है!मैं कैसे आऊं!निशांत जरा आप ही पकड़ लीजिए!अवनी ने अपने पति से कहा! निशांत उठकर जब टेबल पकड़ने गया तो … Read more

मेरी माॅं – नीरजा कृष्णा

कॉलबेल बजने पर मीनू दौड़ कर गई तो सामने ताईजी को देख कर खुशी से चिल्ला पड़ी,”अरे वाह…ताई जी आई हैं… वाह अब मेरी काफ़ी प्रॉब्लम सुलझ जाऐगी।” इतने प्यारे स्वागत से लहालोट ताई जी ने उसे गले लगा लिया ,”तेरी क्या प्रॉब्लम्स हैं जो तू मेरी राह देख रही थी?” कुछ बोलते बोलते उसने … Read more

दर्द का रिश्ता – मंगला श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : सुनंदा अभी घर में घुसी ही थी की संपत की गुस्से भरी आवाज ने उसको डरा दिया । आज फिर वह ऑफिस से आने में थोड़ा लेट हो गई थी। करती भी क्या निकलते निकलते भी उसको एक रिपोर्ट बनाने को दे दी उसके बॉस ने । आ गई महारानी … Read more

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