दुःख का अथाह सागर – अनीता सिंह तोमर
“अनु! मेरी कल बहुत जरूरी मीटिंग है मुझे जल्दी जगा देना।” इतना कहकर अंकुर 9 बजे सोने चला गया। अनुष्का ने किचन समेटा अपने सास-ससुर को दूध दिया। इसके बाद जैसे ही लेटी उसका दो साल का बेटा अथर्व जग गया कुछ देर उसको सुलाने में लग गयी इस तरह से उसको सोने में रात … Read more