सब्र की इंतेहा – कमलेश राणा
बहुत ज्यादा ठंड थी उस दिन , सर्द हवा मानों तन को बेध कर अंदर घुसने के लिए आतुर थी कंबल में से निकलना ही सजा लग रहा था ऐसे में रेवती को एक शादी में जाना था। बहुत करीबी शादी थी जाना जरूरी था, बड़े बेमन से उठकर तैयार होने लगी तभी उसका पोता … Read more