‘ वक्त बदलता अवश्य है ‘ – विभा गुप्ता
” वो देखो, शराबी की बीवी जा रही है।” चौराहे पर बैठे लोगों में से एक ने कहा तो रुक्मणी धीरे- से बुदबुदाई, फिर से वही शब्द…..ओफ़्फ! और हमेशा की तरह अपने कानों पर हाथ रखते हुए वह वहाँ से निकल गई। ‘ शराबी की पत्नी ‘ हमेशा से रुक्मणी की पहचान नहीं थी।दस बरस … Read more