दिल का रिश्ता – संगीता त्रिपाठी
“कितने में मुझे ख़रीद कर लाये थे आप लोग ……औलाद की अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिये ,”मेहर ने गुस्से में सुमन से पूछा..। “क्या कह रही लाड़ो…भला कोई माँ -बाप औलाद खरीद कर लाएंगे… तुम्हे गलतफहमी हुई है, जो तुम अपनी माँ से इस तरह बात कर रही हो “सुमन ने पीड़ा और गुस्से … Read more