सही सलाह – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

 रजत और दिवाकर दोनों एक ही कक्षा में पढ़ते थे। दोनों बहुत ही सम्पन्न परिवार के थे। उन्हें पैसो की कोई कमी नहीं थी, मौज मस्ती से जीते थे, दोनों की पढ़ाई में बिल्कुल रूचि नहीं थी। इनकी कक्षा में पढ़ने वाला मदन बहुत गरीब था, मगर पढ़ाई में बहुत होशियार था। वह मन लगाकर … Read more

बस अब और नहीं – शफ़क रश्मि : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रीनू आज अपने मायके गई थी। जाते समय वो बहुत खुश थी क्योंकि उसकी छोटी बहन अनु , जिसकी शादी को अभी कुछ ही समय हुआ था, माँ के घर आने वाली थी। जल्दी जल्दी उसने घर के सब काम निपटाए और पति को खबर कर के बेटे को साथ … Read more

खुशियों को किसकी नजर लग गई – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : कुछ वर्षों पहले तक सुधाकर जी का परिवार खुशहाल परिवारों की श्रेणी में आता था, किंतु अब अचानक ऐसा क्या हो गया की… परिवार की खुशियां को किसी की नजर लग गई. ! हंसता खेलता परिवार आज विषाद  के गम में डूब गया!    सुधाकर जी के दो ही पुत्र थे! … Read more

रिश्तों का अधिग्रहण – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : क्या बात है श्रीमती जी… ये डायरी में क्या लिखा जा रहा है….. और मंद मंद मुस्कुराया जा रहा है …? चिट्ठी …चिट्ठी लिख रही हूं श्रीमान जी और प्लीज मुझे डिस्टर्ब ना करें.. आज के जमाने में कोई चिट्ठी लिखता है क्या ..?? और वैसे वो महत्वपूर्ण व्यक्ति है … Read more

बाबूजी की विरासत –  बालेश्वर गुप्ता

 अरे रमेश बेटा जल्दी कर,वहां पहुँचने में देरी हो जायेगी।रास्ते मे ट्रैफिक भी बढ़ जाता है।      बस आया बाबूजी,जरा सब सामान चेक कर लूं,कुछ छूट ना जाये।        रमेश के पिता का वर्षो से नियम था कि वो महीने में एक बार अंतिम मंगलवार को कुष्ठ आश्रम में कुछ कपड़े ,कुछ खाने का सामान,दवाइयां आदि लेकर … Read more

बेटी के घर में माँओं का दख़ल – कल्पना मिश्रा

“आज क्या-क्या खाया? किसने बनाया?”  “अच्छा, तो तेरी सास क्या कर रही थीं? वो आराम फ़रमाती रहती हैं क्या? “ “क्या? तेरे सास,ससुर भी तेरे साथ पिक्चर /बाज़ार जाते हैं? मतलब? हर जगह पीछे-पीछे लगे रहते हैं, तुझे प्राइवेसी नही देतें?” “नौकरानी नही है तू, क्यों जुटी रहती है?अबकी बार कह देना मुझे ज़्यादा काम … Read more

संस्कार के बीज  – पुष्पा जोशी

वसुधा जी ने कहॉ – ‘बेटा नील मुझे बाहर बगीचे में ले चलो। बगीचा क्या था घर के बाहर लान में, शैला ने रंग बिरंगे फूलों की फुलवारी लगा रखी थी, माँ इसे बगीचा कहती थी। रोज शाम को नियम से नील और शैला माँ को बगीचे में ले जाते। नील ने कहॉ – ‘माँ … Read more

“भाग्यवान”- कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुलेखा कई दिनों से देख रही है की उसकी छोटी बेटी रिया बहुत उदास और सबसे खींची – खींची सी रहने लगी है, पहले जहां सारा घर रिया की शरारतों से गुलज़ार रहता था वही उसकी ये चुप्पी घर में सब को खल रही थीं। पति सिद्धार्थ , सास – … Read more

दरार !- अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज मंजरी ने सौरभ को अपनी दोस्त रिया के साथ देखा तो अंदर की जलन को रोक नहीं पाई उसे पता था जो आज रिया के पास है वो कल तक उसका था सौरभ मंजरी से बहुत प्यार करता था लेकिन उस समय सौरभ की नौकरी साधारण थी और मंजरी … Read more

समय की मार- डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : तेल की धार और समय की मार दोनों में एक समानता है… तेल नीचे की ओर बहता है और समय की मार जब पडती है तो अच्छों अच्छों की बुद्धि कुंद हो जाती है।     हरिबाबू और उनकी पत्नी रमादेवी एक-दूसरे को देखते और आहें भरते।   रमा जो अपने पति की … Read more

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