असली ट्रॉफी!! – लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : विनी प्रथम पुरस्कार की ट्रॉफी ले रही थी पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा था विनी के माता पिता को भी मंच पर आमंत्रित किया गया था फूलों के गुलदस्ते भेंट किए गए फोटोग्राफी भी हुई….गणेशोत्सव के आयोजन हो रहे थे रोज एक प्रतियोगिता होती थी आज समापन … Read more

जलन – अनिला द्विवेदी तिवारी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :देवकी और सुनीता दो देवरानी जेठानी थीं।जहाँ देवकी सीधी, सरल, एवम गेहुंआ रंग की, मझोले कद-काठी की एक महिला थी वहीं सुनीता गौर वर्ण, सुंदर नाक नक्श, सुराहीदार गर्दन, तराशा हुआ वदन की स्वामिनी थी किंतु वह बहुत चालू एवम स्वार्थी किस्म की महिला थी। सुनीता दिखावा तो भरसक करती थी … Read more

जलनखोर – मंजू ओमर  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मीनू और रेखा दोनों देवरानी जेठानी थी । दोनों की उम्र में कोई पांच साल का अंतर होगा । दोनों करीब करीब कल काठी में एक ही लगती थी। जिठानी जी का थोड़ा रंग साफ था और मीनू का रंग गेहुंआ था इसबात से जिठानी को बड़ा घमंड था । … Read more

आँखें खुल गई – विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ‘रिलैक्स क्लीनिक ‘ के परिसर में रखी कुर्सियों में से एक कुरसी पर बैठी आनंदी परेशान-सी सोच रही थी कि पता नहीं डाॅक्टर क्या कहेंगे? नेहा कब तक ठीक होगी? नहीं हुई तो…।तभी उसकी नज़र साथ बैठी महिला पर पड़ी।उसने पूछ लिया,” आपकी भी बेटी यहाँ ट्रीटमेंट…।”    ” नहीं..मेरी बेटी … Read more

मैं अमीर होकर भी तेरे आगे बहुत गरीब हूँ.- मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आ गयी तुम सब… कलेजे को ठंडक मिली… कब से पापा राह देख रहे हैं… बहुत गर्मी हैं… बच्चे ठीक से तो आयें अल्का बेटा… हाँ माँ…. बस अब ठंडा पानी पिलाओ … दीदी आप भी अब गरिमा दीदी की तरह एक फोर वहीलर ले ही लो… क्यूँ जीजा जी … Read more

अब और अन्याय बर्दाश्त  नहीं  – मीनाक्षी सिंह

राजेश जी कृषि विभाग में बाबू के पद पर कार्यरत थे ! घर में पत्नी ,छह  बेटियां  और एक बेटा था ! बेटा विजय सबसे छोटा था ! बेटे की चाह में पांच बेटियां हो गयी ! वो जमाना भी ऐसा था,अगर बेटा एकलौता हो तो वंश  बढ़ाने के  लिए उसके एक बेटे का होना … Read more

जिन्दगी – ऋतु गुप्ता

अपने फटे चिथड़ो से किसी तरह अपने बदन को ढकते हुए कजरी अपने बच्चे को छाती से लगाकर अपनी ममता का लहू पिला रही थी, दूध तो बहुत दूर की बात है क्योंकि पिछले तीन दिन से उसे ना खाने को मिला है ना पीने को मिला है। किसी तरह अपने बच्चे की भूख को … Read more

राजो – सुधा शर्मा

  राजो की आंखो में बरसों पहले के दृश्य उभर रहे थे ।कितने चाव से गौना करवा कर लाया था पति हरि । मेहदी से चूड़ियों से सजे हाथ , अपने आप को कितना भाग्यवान समझती थी इतने प्यार करने वाले पति को पाकर। और फिर उस दिन एंटीना ठीक करने छत पर गया वह और … Read more

बिसात – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “अरे दीदी आपका चेहरा क्यों लटका हुआ है क्या किसी ने कुछ कह दिया आपसे? ऊपर की मंजिल पर रहने वाली मालती अपनी जेठानी मोनिका का उदास चेहरा देखकर बोली तो मोनिका दुखी स्वर में मेज पर रखा दूध का गिलास दिखाते हुए उससे बोली” देखना कैसा पानी सा दूध … Read more

सुलझते रिश्ते – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दोपहर के बारह बज रहे हैं, पर अभी तक पता नहीं है—जेठानी जी का ।इनहें तो बस,बाहर जाने का बहाना मिलना चाहिए ।लगता है आज रसोई मुझे ही संभालनी पड़ेगी ।मेरे लिए तो मुसीबत खड़ी हो गई है ।थोड़ी देर और इन्तजार कर लेती हूँ ‘ बड़बड़ाती हुई नीतिका लेट … Read more

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