वे सच में ‘हैंडसम’ थे
स्मृति बीते हुए किसी विशेष पल के बंधन में जकड़ी नहीं रह पाती ,इसमें इतना अपनापन ,इतना माधुर्य होता है कि वह किसी भी वक्त वर्तमान बन बेहद करीब आ बैठती है .सच कहूं तो स्मृति उस सुगन्धित धूप बत्ती के सदृश होती हैं जो जल कर बुझ भी जाए तो भी कई घंटों तक … Read more