नानी की OPD – रमन शांडिल्य : Short Moral Stories in Hindi 

“मम्मा सुनो…” अखबार देखते हुए मैंने जोर से पुकारा। “अरे इतना जोर से क्यों बोल रहे हो। तुम्हारे साथ ही तो खड़ी हूं, सुशांत।” मम्मी ने डाइनिंग टेबल से ब्रेकफास्ट के बर्तन उठाते हुए कहा । “देखो, देखो मम्मा, कितनी अच्छी बात है न, कि आज फिर रवि मामा की फोटो अखबार में छपी है। … Read more

चुप्पी‌ का राज – संगीता श्रीवास्तव : Short Moral Stories in Hindi

”  पुरूष! पुरूष हो तुम! पुरुष होने का दंभ भरते हो ? मेरी जिंदगी को बर्बाद करके क्या मिला तुम्हें? क्या फर्ज किया पति होने का, बताओ तो सही? पत्नी हूं तुम्हारी!! क्या समझ रखा है मुझे, अबला! अबला जरूर हूं लेकिन तबला नहीं जिसे जैसे चाहो ,जब चाहो, बजा दो। मैं चुप नहीं रहूंगी … Read more

घमंडी – उषा शर्मा : Short Stories in Hindi

शोभा एक सरल स्वभाव की और सुलझे हुए विचारों वाली लड़की जो किसी को अपने से छोटा नहीं मानती , इन्हीं कारणों से वह सबसे अच्छी तरह घुल मिल जाती  । आस पड़ोस के लोग उससे खुल कर बातें करते । उसकी शादी एक बड़े परिवार में हुई । शादी के बाद उसने अपनी ससुराल … Read more

पाणीग्रहण – किरण केशरे : Short Stories in Hindi

ढोलक की थाप पर विवाहगीतों की ध्वनि बिखर रही थी शादी के पंडाल में और ढोल पर सरिता की सहेलियाँ और बहन नाच रही थी, इत्र, और ताजे गेंदा, गुलाब के हार जयमाल की रस्म के लिए टोकनी में रखे थे ; सरिता को छोटी बहन ने बहुत ही सुंदर तैयार किया था,सुर्ख जोड़े में … Read more

पगड़ी – डॉ. पारुल अग्रवाल : Short Stories in Hindi

तीन भाई-बहन का हंसता-खेलता परिवार जिसमें नीलू सबसे बड़ी थी। पापा बैंक में क्लर्क की नौकरी में थे और मां पूरा घर संभालती थी।पापा की नौकरी से पैसा तो नहीं बचता था पर इतना था कि प्रतिदिन के खाने पीने की कोई समस्या नहीं थी।वैसे भी क्लर्क की नौकरी अगर वो भी ईमानदारी से करने … Read more

कैमरे का करिश्मा – शुभ्रा बैनर्जी : Short Stories in Hindi

जया को तस्वीरें लेने का बहुत शौक था।ससुराल में आकर अपने इस शौक से पूरे घर का मनोरंजन करती थी वह।खाना बनाकर उसकी तस्वीर फोन से लेकर झट से सोशल मीडिया पर पोस्ट करना उसकी आदत में शामिल था। अपनी नई पोशाक हो,पति के साथ कहीं घूमने जाने पर,ऐसे ही लगभग हर मौके की तस्वीर … Read more

 पुरुष – पूजा गर्ग : hindi kahani with moral

मालती:   अब मैं तुमसे मिलने नहीं आ सकती । प्रकाश (हैरानी से):  क्यों? क्या हुआ ?  मालती:   घरवालों को शायद हमारे बारे में पता चल गया है । प्रकाश:   तो , अच्छा ही हुआ ,एक ना एक दिन तो पता चलना ही था, पर तुम इतनी परेशान क्यों हो ? मालती:  तुम … Read more

पुरुष की अनोखी परिभाषा – रश्मि सिंह : short story with moral

सुमित-अम्मा ये लो दवाई और पानी। अब खाकर थोड़ी देर सो जाओ, मैं यही तुम्हारे पास हूँ। रागिनी (सुमित की भाभी)-सुमित कहा रह गए, दवा पानी  देते देते सो गये थे क्या। जाओ जल्दी गेहूँ पिसवाकर लेकर आओ, जल्दी आना नहीं तो बहुत मारूँगी तुम्हें। यहाँ सुमित कोई छोटा बच्चा नही है, जिसे मारने की … Read more

सोच का दायरा – अंजना ठाकुर : Short Stories in Hindi

मांजी आज  ये अभी तक नही आए और फोन भी नही लग रहा  निकिता की निगाहे दरवाजे पर लगी थी अमर अभी तक आया नही था वैसे आठ नौ बजे तक आ जाता है आज दस बज चुके थे चिंता मैं निकिता अंदर बाहर हो रही थी निर्मलाजी बोली चिंता मत कर कही फस गया … Read more

धैर्यवान पुरुष

कामिनी और राज की गृहस्थी हँसी- खुशी से बीत रही थी। एक प्यारा- सा बेटा भी था। कामिनी और राज एक ही काॅलेज में पढ़ते थे। दोनों की विचार धाराएँ मिली, प्रेम का पौधा पनपा और दोनों एक सूत्र में बंन्ध गये। परिवार वाले भी खुशी-खुशी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया था। कामिनी को … Read more

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