आखिर मिल ही गया मां का अधिकार.!! – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आज जब सोनू की नानी ने सोनू को सविता को सौंपा और सोनू जब मां बोलकर सबिता के गले लगा तो आज सबिता को महसूस हुआ की आज वो सच मैं मां बनी है क्योंकि अभी तक मां होने का कर्तव्य तो निभा रही थी पर अधिकार आज मिला है. … Read more

रुतबा – मंगला श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : ढलते सूरज के साथ ही शाम की अगुवाई हो रही थी मोहनदास जी अकेले अपनी गैलरी में कुर्सी पर बैठकर कलराव करते लौट कर अपने घर को जाते पंछियों को देख रहे थे l उनका एक साथ उड़कर चहचहाना झुंड के रूप में एक साथ उड़ना उनको मानो कुछ याद … Read more

आखिर क्यों… – मोनिका रघुवंशी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : दीवार पर लगी घड़ी रात के 12 बजा रही थी कमरे में बहुत हल्की नीली रोशनी, मैं बिस्तर पर अकेले पड़ी पड़ी नींद का या शायद राघव का इन्तजार कर रही थी। आंखों से नींद कोसों दूर थी, पगफेरे के बाद ये हमारी पहली रात थी मन मे अनगिनत बातें … Read more

एक लंबा सफर – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आकाश.. आनंदी.. अमृत  .. छोटी सी दुनिया तीनों की… अमृत, आकाश और आनंदी का लाडला.. राजकुमार। समय कब कौन सा रंग दिखा दे.. कोई नहीं जानता… जाने कब कौन सी चूक हुई और एक पेट दर्द ने रातों रात आनंदी के प्राण हर लिए। आकाश और अमृत.. आनंदी के बगैर … Read more

सन्यासी कौन? – ऋतु गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : गुलमोहर और पारिजात के वृक्षों से छनकर आ रहा सूर्य का प्रकाश सीधे उमा के चेहरे को छू रहा था, सुरभित पवन के वेग के साथ साथ फूलों की महक भी उमा के हृदय में समा रही थी। कुछ एक फूल आते जाते लोगों के पांव तले अपने अस्तित्व को … Read more

असली फर्ज – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

    Moral stories in hindi : हरीश चंद मेरठ जिले के एक गांव में अपने चार बेटों के साथ ठाट के साथ रहते थे।यूँ तो हरीश जी की गिनती जमीदारो में होती थी,गांव के प्रधान भी वो रह चुके थे,पर उनकी आमदनी का श्रोत केवल कृषि का ही था। हरीश जी दूर की सोचते थे,प्रधानी के … Read more

मेरी रत्ना बुआ – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : पापा का फोन आया था ।बताया रत्ना बुआ नहीं रही।दो दिन पहले ही आई थी ।बहुत बीमार रहने लगी थी तो ससुराल वालों ने कहा “” आकर ले जाएँ ” , हमसे इसकी तीमारदारी नहीं हो पायेगी ” और फिर पापा जाकर ले आए थे ।कैसे छोड़ देते ।उनकी दुलारी … Read more

 उपेक्षा का दंश – पुष्पा जोशी : Short Moral Stories in Hindi

 Short Moral Stories in Hindi : आज राधा की बड़ी बड़ी ऑंखों में बरबस ऑंसू आ गए। वह नहीं चाहती थी कि विवेक उन्हें देखे, वह तेज कदमों से अपने कमरे में चली गई। वह मन को बहुत समझाती है, कि उसकी और उसकी जेठानिय़ो की परिस्थितियों में बहुत अन्तर है, न उनसे अपनी तुलना … Read more

उपेक्षित पड़ाव जिंदगी का .! – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अनु बेचैनी से बार बार  दरवाजे की और देख रही थी उसकी बेटी पांच बजे तक कोचिंग से आ जाती है अभी छे बज रहे थे फोन भी नही उठा रही थी तब शिवी आते दिखी अंदर आते ही अनु बोली कहां रह गई थी शिवी और फोन भी नही … Read more

आपको अपने बेटे पर गर्व होना चाहिए – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : रंजन बेटा उठ जा चाय तैयार है, विमलेश जी ने अपने बेटे को आवाज लगाई, पर वो बिस्तर पर बेसुध सा पड़ा हुआ था। रात को तीन बजे घर आयेगा तो सुबह सात बजे  कैसे उठेगा? तुम्हें मना किया था, इसके लिए चाय बनाई ही क्यों? रंजन के पापा चिल्लाकर … Read more

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